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किधर जा रहा नेपाल Misc

Alok Kumar

नेपाल गहन राजनीतिक संकट में है। लोग राजनीतिज्ञ से आजिज आ गए हैं। बीते 27 मई को चार साल से संविधान बनाने की जारी प्रक्रिया थम गई । जिस संविधान सभा पर संविधान बनाने का दारोमदार था उसे भंग कर दिया गया। 2006 में राजतंत्र के खात्मे के बाद 2008 में दो साल में संविधान बना लेने के लिए संविधान सभा का गठन किया गया था। पर संविधान बनाने के मूल उद्देश्य पूरा करने के बजाय संविधान सभा की आड़ में राजनेता राजनीति में व्यस्त हो गए। संविधान सभा के जरिए सरकार बनाने और मतलब न सधने पर सरकार गिराने का ही उपक्रम होता रहा।

'भारत बंद': लोकलुभावन या लोकहितकारी Misc

Tanveer Zafri

देश के किसी न किसी राजनीतिक दल द्वारा समय-समय पर आहूत किया जाने वाला 'भारत बंद' का प्रभाव गत् 31 मई को भी देश के बड़े हिस्से में देखने को मिला। इस बार का भारत बंद का आह्वान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ-साथ वामपंथियों द्वारा भी किया गया था।

आरक्षण पर सियासत का तूफान Misc

Dr. Shiv Kumar Rai

संप्रग सरकार पिछड़े वर्गो के कोटा के भीतर अल्पसंख्यकों के 4.5 फीसदी कोटा की व्यवस्था को रद करने के आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ अब सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है। कोर्ट का कहना था कि सिर्फ धर्म आधारित आरक्षण की कोई व्यवस्था नहीं की जा सकती। इस पर केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद का कहना है कि यह सही है कि संविधान में केवल धर्म आधारित आरक्षण का प्रावधान नहीं है, लेकिन यह पिछड़े वर्गो के कोटे पर दिया गया कोटा था।

हिंदुत्व' से 'मोदित्व' की ओर बढ़ती भाजपा? Misc

Tanveer Zafri

पिछले दिनों मुंबई में भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक संपन्न हुई।

पेट्रोल पर सरकार के पक्ष में(व्यंग्य) Misc

Piyush Pandey

कपिल सिब्बल ठीक कहते हैं कि फेसबुक और ट्विटर-फ्यूटर जैसी सोशल नेटवर्किंग साइटों को सरकार के नियंत्रण में होना चाहिए। आखिर यहां जिसे देखो सरकार को गरियाने, लतियाने, जुतियाने और सुतियाने में लगा रहता है। पेट्रोल की कीमतों पर उठे बवाल को लीजिए। सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर इस मसले पर सरकार और सरकार के मंत्रियों-संत्रियों की हालत भीड़ में पिटते निरीह बंदे की तरह है।

खान-बाबा इंटरप्राइजेज (व्यंग्य) Misc

Alok Puranik

बाबा रामदेव ने जो कहा उसका आशय है कि आमिर खान सत्यमेव जयते के जरिए समाज सुधार नहीं कर रहे, टीआरपी के जरिए नोट बना रहे हैं। उधर, आमिर खान की इमेज सत्यमेव जयते के बाद कई लोगों के लिए महात्मा गांधी, नेलसम मंडेला के समकक्ष हो गई है, या शायद उससे भी ज्यादा। इस पूरे मसले को बिजनेस एंगल से देखने की कोशिश इस केस स्टडी में की गई है।

नेताजी की प्राकृतिक 'प्रॉब्लम' (व्यंग्य) Misc

Vishnu Sharma

इस प्राब्लम से वो सालों से जूझ रहे थे, लेकिन अरसे तक वो इसे प्राब्लम मानते ही नहीं थे। और इस प्राब्लम का रामवाण इलाज बस एक ही था, वो था साइलेंसर और ये कोई गाड़ी या रिवॉल्वर से जुड़ा मामला तो था नहीं कि साइलेंसर फिट हो जाए।

क्रिकेट बनाम स्पॉट फिक्सिंग का ताजा झटका Misc

Dharmendra Kumar

स्पॉट फिक्सिंग के ताजातरीन मामले ने क्रिकेट को एक और जोर का झटका दिया है। इस बार इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हुए हैं। इंडिया टीवी चैनल के स्टिंग ऑपरेशन में पांच खिलाड़ी पैसे लेकर मनमाफिक तरीके से खेलने के लिए तैयार होते दिखे हैं।

महामहिम मैं भी लाइन में (व्यंग्य) Misc

Piyush Pandey

आपके कुर्सी खाली करने से पहले देश में अराजकता का माहौल बन रहा है। सत्ताधारी और विपक्षी पार्टियों ने कमर कस ली है कि कुर्सी पर से आप उतरीं नहीं कि उनका बंदा उछल के चढ़ जाए। अरे, दो चार दिन कुर्सी खाली रह भी जाए तो कौन सी प्रलय आ रही है !

चोरों को चोर कहने में कैसा डर Misc

Jairam Shukla

धन और बाहुबल हमारी लोकतांत्रिक संस्थाओं पर किस तरह कब्जा करने के लिए आतुर हैं और सालों-साल स्थितियां खतरनाक होती जा रही हैं, इससे देश के हर विवेकवान नागरिक का चिंतित होना स्वाभाविक है और ऐसी स्थिति में जब वह अपने आक्रोश की अभिव्यक्ति करता है तो उसे किसी भी विशेषाधिकार के हनन का न तो डर रहता है और न ही परवाह।

ज्योतिष लेख