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बॉलीवुड का बदलता अर्थशास्त्र Misc

Piyush Pandey

धुंडीराज गोविंद फाल्के यानी दादा साहेब फाल्के ने भारत में 3 मई 1903 को पहली कथा फिल्म ‘राजा हरीशचंद्र’ सार्वजनिक तौर पर दर्शकों के सामने रखी तो उसी वक्त कुछ लोगों को समझ आ गया कि फिल्म निर्माण का ख्वाब सजाना आसान नहीं है। फाल्के के अनुभव कुछ ऐसे ही थे। उन्होंने पत्नी के गहने बेचकर तमाम मुश्किलों से लोहा लेते हुए फिल्म बनाई थी।

ये किस 'गुरु' की कल्पना है? Misc

Arunima Roy

कलर्स चैनल पर प्रसारित होने वाले लोकप्रिय रियलिटी शो इंडिजा गॉट टैलेंट में इस बार सनी लियोन भी एक निर्णायक होंगी। यह ख़बर मेरे लिए न केवल चौकाने वाली है बल्कि शर्मसार करने वाली भी। मुझे सनी लियोन के पोर्न स्टार होने से आपत्ति नहीं है, मुझे चैनल की उस सोच से आपत्ति है,जो टीआरपी के लिए किसी भी हद तक जाने को बेताब हैं।

बुजुर्गों को सम्मान देना ज़रुरी Misc

Amir Khan

मुझे लगता है कि भारत विश्व के उन गिने-चुने देशों या समाजों में शामिल है जहां सांस्कृतिक और पारंपरिक रूप से बुजुर्गो को बहुत अधिक सम्मान दिया जाता है।

गैंग्स ऑफ वासेपुर के बारे में Misc

Manoj Bajpai

आज कुछ ऐसी परिस्थिति है कि हवाई जहाज लखनऊ से दिल्ली आकर रुका है और कुछ देर में मुंबई उड़ान भरेगा। इसी बीच ख्याल आया कि काफी दिन हुए ब्लॉग पर कुछ लिखा नहीं है तो सोचा कि कुछ लिख ही दिया जाए।

महात्वाकांक्षी है गूगल का ‘भाषा बचाओ’ कार्यक्रम Misc

Piyush Pandey

इंटरनेट कंपनी गूगल की तमाम व्यवसायिक महात्वाकांक्षाओं के बीच लुप्त होती भाषाओं को बचाने का कार्यक्रम कंपनी की एक नयी छवि निर्मित करता है। गूगल ने दुनिया भर की हज़ारों मरती भाषाओं को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक बड़ी पहल की है इनडैंजर्डलैंग्वेजेस परियोजना के तहत। इसी कवायद के तहत 21 जून को इनडैंजर्डलैंग्वेजेसडॉटकॉम नाम की साइट शुरु की गई है।

संघ में नहीं रहा चुम्बकत्व Misc

Alok kumar

बीते दशक की शुरूआत में ही राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के अंदर घटते आकर्षण पर चिंतन शुरू हो गया था। संघ का संस्कार भरने के लिए लगने वाली शाखा कम हो गई थी। शाखाओं में आने वालों की तादाद में कमी को दूर करने के उपायों पर चर्चा हुई थी।

'मुंगेरी लाल के सपने' जैसी है नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने की चाह Misc

Tanveer zafri

भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्तागण भले ही मीडिया के समक्ष बार-बार यह उद्घोष करने से बाज़ न आ रहे हों कि उनकी पार्टी में नेताओं की कोई कमी नहीं है तथा प्रथम व द्वितीय श्रेणी के नेताओं की भाजपा में लंबी क़तार है।

सोनिया ने पढ़ा राजनीति का नया पाठ Misc

Punya Prasun Bajpai

तो क्या सोनिया गांधी बदल गई हैं? प्रणव मुखर्जी को राषट्रपति पद के उम्मीदवार बनाये जाने का जिस तरह खुद सोनिया ने यूपीए की बैठक में चार लाइनें पढ़कर ऐलान किया, उसके बाद से दिल्ली के राजनीतिक गलियारे में चर्चा यही है कि क्या गांधी परिवार बदल गया है। या सोनिया गांधी बदल गई है।

कब मिलेगी कंप्यूटराइजेशन को सही दिशा ? Misc

Ashish dubey

हाल में राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन द्वारा कराये गये सर्वेक्षण के आधार पर एक खबर आयी है कि गांवों में आधे प्रतिशत से भी कम लोगों के घरों में इंटरनेट सुविधा है। रिपोर्ट के मुताबिक 6 प्रतिशत शहरी परिवारों की तुलना में ग्रामीण घरों में इंटरनेट कनेक्शन केवल 0.4 प्रतिशत है।

उफ्फ.. ये टॉयलेट पॉलिटिक्स (व्यंग्य) Misc

Piyush Pandey

वक़्त अगर ‘महान’ संकट का हो तो यकीकन आप कुछ भी छोड़ने को तैयार हो जाएंगे सिवाय ‘वहां’ जाने के। आप कोहिनूर को ठुकरा देंगे। आप मुफ्त में टूजी-थ्रीजी घोटाले में हिस्सा मिलने के प्रस्ताव को ठुकरा देंगे। सरकार जिस दशा में है उसमें आप मंत्री यूं भी नहीं बनना चाहेंगे, लेकिन ‘महान’ संकट की घड़ी हुई तो यकीकन आप वित्त मंत्री-रक्षा मंत्री और हाल के दिनों में इमानदारी की मलाई से सनी प्रधानमंत्री की कुर्सी को भी लात मार देंगे। आप सिर्फ वहां जाएंगे, जहां लेटना कतई नहीं होता अलबत्ता उसका नाम ज़रुर टॉयलेट है।

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