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कैंसर से बचा सकता है टमाटर Ayurveda

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लंदन। वैज्ञानिकों के मुताबिक टमाटर खाने से लोगों में प्रोस्टेट कैंसर का खतरा कम हो जाता है। साथ ही टमाटर का सेवन ट्यूमर बढ़ने की गति कम करने में मददगार साबित होता है।

लंबी उम्र के लि‍ये रोज पीयो शराब ! Ayurveda

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लंदन। रोजाना तीन पैग शराब पीने से लंबी उम्र पाने में मदद मिलती है। यह बात एक ताजा अध्ययन में सामने आई है।

बच्चों के लिए फायदेमंद है मछली Ayurveda

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वाशिंगटन। मछली खाना बच्चों के दिमागी और तंत्रिका संबंधी विकास के लिए बेहद जरूरी है।

करि‍यर और कुंडली का प्रेम संबंध Astrology

पं.जयगोविन्द शास्त्री

कि‍सी शायर ने कहा है कि तरक्‍कि‍यों के दौर में उसी का तरीका चल गया, बनाके अपना रास्‍ता जो भीड़ से आगे नि‍कल गया। यानी सवा सौ करोड़ की आबादी वाले इस देश में अपनी मेहनत के बल पर पहचान बनाना आसान काम नहीं है।

ज्‍योतिष सीखें भाग - 13 Astrology

Punit Pandey

इस बार हम जानेंगे की दशाफल का निर्धारण कैसे करें। विंशोत्‍तरी दशा काल निर्धारण का अति महत्‍वपूर्ण औजार है। दशाफल अर्थात किस दशा में हमें क्‍या फल मिलेगा। दशाफल निर्धारण के लिए कुछ बातें ध्‍यान रखने योग्‍य हैं -

ज्योतिष चर्चा : विवाह में देरी के कारण और उपाय Astrology

Ankush Khungar

मुख्यतः सातवाँ भाव विवाह, पत्नी या पति और वैवाहिक सुख को दर्शाता है। यदि सातवाँ भाव मंगल के प्रभाव में हो (दृष्टि या स्थिति द्वारा), तो यह मंगल दोष की स्थिति पैदा करता है।

लाल किताब में है ऋण से मुक्ति के अचूक उपाय Astrology

एम. एस. कोण्डल

जन्म-कुण्डली में कुछ ग्रहों की ख़राब स्थिति या प्रभाव के कारण जातक जीवन में कई ऋणों का भागी बन जाता है। इसके चलते ज़िन्दगी में उसकी प्रगति पर भी असर पड़ता है, क्योंकि कुछ ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव अच्छे ग्रहों को भी सकारात्मक प्रभाव देने से रोक देते हैं।

ज्‍योतिष सीखें भाग - 12 Astrology

Punit Pandey

पिछली बार हमनें जाना था कि हर ग्रह की दशा की अवधि निश्चित है। जैसे सूर्य की छह साल, चंद्र की 10 साल, शनि की 19 साल आदि। कुल दशा अवधि 120 वर्ष की होती है। आपको मालूम है कि जन्‍म के समय चन्‍द्र जिस ग्रह के नक्षत्र में होता है, उस ग्रह से दशा प्रारम्‍भ होती है। दशा कितने वर्ष रह गयी इसके लिए सामान्‍य अनुपात का इस्‍तेमाल किया जाता है।

ज्‍योति‍ष सीखें भाग - 11 Astrology

Punit Pandey

ज्‍योतिष में किसी भी घटना का कालनिर्णय मुख्‍यत: दशा और गोचर के आधार पर किया जाता है। दशा और गोचर में सामान्‍यत: दशा को ज्‍यादा महत्‍व दिया जाता है। वैसे तो दशाएं भी कई होती हैं परन्‍तु हम सबसे प्रचलित विंशोत्‍तरी दशा की चर्चा करेंगे और जानेंगे कि विंशोत्‍तरी दशा का प्रयोग घटना के काल निर्णय में कैसे किया जाए।

वास्तु शास्त्र के मूल नियम Astrology

Acharya Ram Hari Sharma

वास्तुशास्त्र के वैज्ञानिक आधार हैं, और कई बार यह बात साबित हो चुकी है। वास्तु शास्त्र का मूलाधार पांच तत्व हैं।

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