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देवोत्थान एकादशी, तुलसी विवाह एवं भीष्म पंचक (17 नवंबर) Astrology

Priyanka

कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी देवोत्थान, तुलसी विवाह एवं भीष्म पंचक एकादशी के रूप में मनाई जाती है। दीपावली के बाद आने वाली इस एकादशी को प्रबोधिनी एकादशी भी कहते हैं।

हिन्‍दुस्‍तानी मर्दों का दिल खतरे में ! Ayurveda

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नई दिल्ली। हाल ही में हुए एक सर्वेक्षण में स्पष्ट हुआ है कि देश में महिलाओं की तुलना में पुरुषों में दिल की बीमारियां होने का खतरा ज्यादा है।

खुद से बात यानी ज्‍यादा सेल्‍फ कंट्रोल Ayurveda

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लंदन। आमतौर पर खुद से बात करने को सही नहीं समझा जाता। कई लोगों की नजर में इसे पागलपन भी समझा जाता है। लेकि‍न एक ताजा शोध के बाद लोगों की राय बदल सकती है। एक नये ताजा शोध में इस बात का खुलासा हुआ है कि‍ जो लोग अपने आप से बात करते हैं वे तनावपूर्ण स्‍थि‍ति‍यों पर खुद पर बेहतर तरीके से काबू पा सकते हैं।

कैंसर से बचा सकता है टमाटर Ayurveda

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लंदन। वैज्ञानिकों के मुताबिक टमाटर खाने से लोगों में प्रोस्टेट कैंसर का खतरा कम हो जाता है। साथ ही टमाटर का सेवन ट्यूमर बढ़ने की गति कम करने में मददगार साबित होता है।

लंबी उम्र के लि‍ये रोज पीयो शराब ! Ayurveda

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लंदन। रोजाना तीन पैग शराब पीने से लंबी उम्र पाने में मदद मिलती है। यह बात एक ताजा अध्ययन में सामने आई है।

बच्चों के लिए फायदेमंद है मछली Ayurveda

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वाशिंगटन। मछली खाना बच्चों के दिमागी और तंत्रिका संबंधी विकास के लिए बेहद जरूरी है।

करि‍यर और कुंडली का प्रेम संबंध Astrology

पं.जयगोविन्द शास्त्री

कि‍सी शायर ने कहा है कि तरक्‍कि‍यों के दौर में उसी का तरीका चल गया, बनाके अपना रास्‍ता जो भीड़ से आगे नि‍कल गया। यानी सवा सौ करोड़ की आबादी वाले इस देश में अपनी मेहनत के बल पर पहचान बनाना आसान काम नहीं है।

ज्‍योतिष सीखें भाग - 13 Astrology

Punit Pandey

इस बार हम जानेंगे की दशाफल का निर्धारण कैसे करें। विंशोत्‍तरी दशा काल निर्धारण का अति महत्‍वपूर्ण औजार है। दशाफल अर्थात किस दशा में हमें क्‍या फल मिलेगा। दशाफल निर्धारण के लिए कुछ बातें ध्‍यान रखने योग्‍य हैं -

ज्योतिष चर्चा : विवाह में देरी के कारण और उपाय Astrology

Ankush Khungar

मुख्यतः सातवाँ भाव विवाह, पत्नी या पति और वैवाहिक सुख को दर्शाता है। यदि सातवाँ भाव मंगल के प्रभाव में हो (दृष्टि या स्थिति द्वारा), तो यह मंगल दोष की स्थिति पैदा करता है।

लाल किताब में है ऋण से मुक्ति के अचूक उपाय Astrology

एम. एस. कोण्डल

जन्म-कुण्डली में कुछ ग्रहों की ख़राब स्थिति या प्रभाव के कारण जातक जीवन में कई ऋणों का भागी बन जाता है। इसके चलते ज़िन्दगी में उसकी प्रगति पर भी असर पड़ता है, क्योंकि कुछ ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव अच्छे ग्रहों को भी सकारात्मक प्रभाव देने से रोक देते हैं।

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