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निराशावाद हर जगह : विवेक ओबेराय

the-pessimism everywhere vivek oberoi

3 दिसम्बर 2012
 
मुम्बई।  विभिन्न सामाजिक कार्यो से जुड़े रहे अभिनेता विवेक ओबेराय का मानना है कि आज निराशावाद हर किसी के जीवन का हिस्सा हो चुका है। 36 वर्षीय अभिनेता ने यहां शुक्रवार को एक पुस्तक 'प्राइड ऑफ लायंस' के विमोचन पर कहा, "यह (पुस्तक) निराशावाद के मुद्दे पर है। दुर्भाग्य से यह काफी तेजी से फैल रहा है। आज बच्चे, दूरदर्शन वाचक, समाचार चैनल, मशहूर हस्ती, रेडियो प्रस्तोता हर किसी के जीवन में निराशा विद्यमान है।"


पुस्तक के लेखक हैं कैप्टन विनोद शंकर नायर और यह एक भारतीय सैनिक के जीवन पर आधारित है।


उन्होंने कहा, "हमने आशावाद खो दिया है। हमें उम्मीद की किरण चाहिए। हमें कुछ शुद्ध कुछ निस्वार्थी, साहसिक चाहिए, जो हमें प्रेरित कर सके, ऊपर देखने के लिए, आगे देखने के लिए, उम्मीद के साथ देखने के लिए।"

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