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साम्प्रदायिक हिंसा के बाद सांगारेड्डी में तनाव

sangareddi, tension in sangareddi after communal voilence

30 मार्च 2012
 
हैदराबाद | आंध्र प्रदेश के मेढक जिले के सांगारेड्डी शहर में शुक्रवार को तनाव की स्थिति बनी रही। एक रात पहले ही यहां साम्प्रदायिक हिंसा हुई थी।

पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण के लिए गुरुवार रात इलाके में कर्फ्यू लगा दिया था लेकिन जब शुक्रवार को लोग अपने घरों से बाहर आए तो कर्फ्यू हटा लिया गया था। वैसे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू है और इसलिए पांच या इससे अधिक लोगों के एक स्थान पर इकट्ठे होने पर प्रतिबंध है।

शुक्रवार सुबह दो समूहों के एक-दूसरे पर पथराव करने पर पुलिस को आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल करना पड़ा।

यहां से 70 किलोमीटर दूर मेढक जिले के सांगारेड्डी शहर में गुरुवार रात हुई हिंसा में 20 लोग घायल हुए और कई दुकानें आग में स्वाहा हो गईं।

मेढक के जिला कलेक्टर सुरेश कुमार ने हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया है। उन्होंने कहा कि शहर में कानून व्यवस्था नियंत्रण में है। उन्होंने लोगों से शांति व सौहार्द बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की। स्थिति पर नजर रखने के लिए जिला कलेक्टर के कार्यालय में एक नियंत्रण कक्ष शुरू किया गया है।

मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी ने हैदराबाद में एक उच्च स्तरीय बैठक में स्थिति की समीक्षा की और जिला कलेक्टर व पुलिस महानिदेशक को मुसीबत खड़ी करने वालों से सख्ती से निपटने का आदेश दिया। उन्होंने अधिकारियों को हिंसा के दौरान हुए नुकसान पर एक रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।

सत्तारूढ़ कांग्रेस के स्थानीय विधायक जग्गा रेड्डी ने हिंसा में नुकसान झेलने वालों को सरकार की ओर से मुआवजा देने का आश्वासन दिया है।

गुरुवार रात हिंसा तब शुरू हुई जब एक युवक ने फेसबुक पर कथिततौर पर एक धार्मिक स्थल की उत्तेजक तस्वीर डाल दी। लोगों के एक समूह ने थाने के बाहर इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया और युवक की गिरफ्तारी की मांग की। भीड़ ने ओल्ड बस स्टैंड इलाके में दुकानों व वाहनों पर हमले शुरू कर दिए थे।

उपद्रवी भीड़ ने 40 दुकानों, दो चार पहिया वाहनों व चार ऑटोरिक्शा को आग के हवाले कर दिया। भीड़ ने कई अन्य दुकानों व सड़क किनारे की अस्थायी दुकानों को लूटा। पुलिस के एक वाहन में भी आग लगा दी गई।

लूट और हमलों का दौर रात एक बजे तक जारी रहा। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि घटना के दौरान पुलिस मूकदर्शक बनी रही।

पथराव में कुछ पुलिसकर्मियों सहित 20 लोग घायल हो गए।

जिले के अन्य हिस्सों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है। सावधानी बरतते हुए अन्य शहरों व जिलों में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

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