Rang-Rangili RSS Feed
Subscribe Magazine on email:    

..तो पंजाब के किसान आलू सड़कों पर फेंक देंगे

punjab farmers will throw potato on roads

12 दिसम्बर 2011

जालंधर (पंजाब)| पंजाब के किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि राज्य सरकार ने उनकी समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दिया, तो वे आलू की अपनी फसल शहर की सड़कों पर फेंक देंगे। यदि ऐसा हुआ तो जालंधर की सड़कों पर आलू ही आलू नजर आएंगे। आलू उत्पादक किसान अपने उत्पाद फेंकने की घोषणा करने के लिए इसलिए विवश हुए हैं, क्योंकि आलू की कीमत एक रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है। जबकि आलू पर उत्पादन की लागत कम से कम पांच रुपये प्रति किलोग्राम पड़ी है।

आलू उत्पादक संघ के अध्यक्ष जे.एस. संघा ने आईएएनएस से कहा, "इस समय आमतौर पर आलू आठ-नौ रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिकता है। लेकिन अधिक पैदावार के कारण इस वर्ष आलू की कीमत एक से डेढ़ रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। इससे आलू उत्पादक किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। सरकार कुछ नहीं कर रही है।"

यद्यपि राज्य सरकार ने रविवार को देश के भीतर आलू की ढुलाई पर 50 पैसे प्रति किलोग्राम और निर्यात पर 1.50 रुपये प्रति किलोग्राम सब्सिडी की घोषणा की, लेकिन किसानों का कहना है कि यह राहत न के बराबर है।

संघा ने कहा, "सरकार द्वारा घोषित सब्सिडी बहुत कम है। यह एक क्रूर मजाक है। हमने इसे खारिज कर दिया है। हम अपने अगले कदम के बारे में निर्णय लेने के लिए आज (सोमवार) बैठक कर रहे हैं। तबतक जालंधर की सड़कों पर आलू फेंकने का हमारा रुख कायम है।"

वर्ष 2000 में भी आलू उत्पादक किसानों को ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा था, और किसानों ने सैकड़ों टन आलू जालंधर की सड़कों पर फेंक दिए थे।

मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के कार्यालय के एक प्रवक्ता ने चंडीगढ़ में कहा, "मुख्यमंत्री ने आलू निर्यात की केंद्रीय एजेंसी, मार्कफेड द्वारा पेश किए गए एक प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी और इससे सम्बंधित फाइल को मंजूरी दे दी है।"

प्रवक्ता ने कहा, "सरकार ने अन्य राज्यों तक आलू के सुगम, त्वरित परिवहन के लिए तथा निर्यात के लिए ग्रामीण विकास निधि से तत्काल भाड़ा सब्सिडी जारी करने का फैसला किया है।"

मुख्यमंत्री ने पंजाब ग्रामीण विकास बोर्ड को भाड़ा सब्सिडी के लिए दो करोड़ रुपये जारी करने के निर्देश दिए हैं।

More from: Rang-Rangili
27395

ज्योतिष लेख