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गडकरी ने सोनिया के खिलाफ उगला जहर, बिफरी कांग्रेस

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15 जून 2011

कोलकाता। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने बुधवार को एक बार फिर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ जमकर जहर उगला। उन्होंने सोनिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुई उसकी तुलना पाकिस्तान से कर डाली। इससे बिफरी कांग्रेस ने गडकरी पर ओछी राजनीतिक करने का आरोप लगाया।

कोलकाता में पार्टी कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए गडकरी ने कहा, "सोनिया गांधी कहती हैं कि वह भ्रष्टाचार का मुकाबला डट कर करेंगी। उनका यह कहना ठीक वैसा ही है जैसा पाकिस्तान कहता है कि वह आतंकवाद के खिलाफ सख्ती से पेश आएगा। जब पाकिस्तान यह कहता है कि वह आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा, तो हम उस पर भरोसा नहीं करते। सोनिया जब भ्रष्टाचार के मुद्दे पर ऐसा कहती हैं तो हमें क्या, कांग्रेसियों को भी इस पर भरोसा नहीं होता।"

गडकरी ने इस मौके पर योग गुरु बाबा रामदेव व उनके समर्थकों पर मध्यरात्रि में रामलीला मैदान में हुई पुलिस कार्रवाई को संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार का फांसीवाद करार दिया।

उन्होंने कहा, "रामलीला मैदान पर हुई कार्रवाई रावणलीला थी। वहां जो कुछ भी हुआ, वह इस सरकार का फांसीवादी चरित्र उजागर करता है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। भाजपा इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।"

गडकरी ने यह भी कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा देश में आपातकाल थोपने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा, "कांग्रेस ने इससे पहले देश में आपातकाल लगाया था। देश की जनता आज भी उस काले अध्याय को भूली नहीं है। मैं बताना चाहता हूं कि यदि सोनियाजी लोकतंत्र के रास्ते से भटकती हैं और देश में आपातकाल लागू करने की कोशिश करती हैं, हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।"

गडकरी के इस बयान पर कांग्रेस ने कड़ा एतराज जताया और उसकी कड़ी निंदा की।

कांग्रेस प्रवक्ता जयंती नटराजन ने दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "गडकरी का बयान गटर स्तर की राजनीति है।" उन्होंने कहा कि गडकरी किसी पार्टी के अध्यक्ष के रूप में शोभा नहीं देते।

बकौल नटराजन, "लोकतंत्र में गडकरी राष्ट्रीय स्तर क्या, किसी भी स्तर की राजनीति करने के लिए अयोग्य हैं। क्योंकि उनकी संस्कृति ही जहर उगलने की है।"

उन्होंने कहा कि गडकरी का यह बयान उनकी उस मानसिकता को दर्शाता है, जहां घृणा, विभाजन और हत्या का पोषण होता है।

गडकरी ने इससे पहले गांधी परिवार पर यह कहते हुए भी निशाना साधा कि वह सिर्फ मां-बेटे की पार्टी है। "कांग्रेस पार्टी मां-बेटे की पार्टी है। सिर्फ गांधी परिवार के सदस्यों को छोड़कर इस पार्टी में सभी उस परिवार के दास हैं। वहां कोई नेता नहीं है। उनकी मैडम (सोनिया गांधी) निर्देश देती हैं और वे वैसा ही करते हैं।"

इस मौके पर गडकरी ने केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "प्रणब दा देश का प्रधानमंत्री बनने की इच्छा रखते हैं। एक दिन वह देश के प्रधानमंत्री भी बन सकते हैं लेकिन वह कभी भी कांग्रेस का अध्यक्ष नहीं बन सकते क्योंकि वह पद गांधी परिवार के सदस्यों के लिए आरक्षित है।"

 

 

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