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मेरे दोनों बेटे खुद तलाशेंगे अपना रास्ता : नसीर

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6 अगस्त 2013
मुंबई|
अन्य अभिनेता जहां अपने बच्चों की अच्छी शुरुआत की योजना बनाते हैं वहीं नसीरुद्दीन शाह ने अपने बच्चों को अपना रास्ता खुद बनाने के लिए स्वतंत्र रखा है। नसीर चाहते हैं कि उनके दोनों बेटे अपना रास्ता खुद तलाशें जैसे कि नसीर ने अपना रास्ता खुद तलाशा था। 63 वर्षीय नसीर के उनकी दूसरी पत्नी अभिनेत्री रत्ना पाठक शाह के साथ दो बेटे - इमाद और विवान हैं।

नसीर ने आईएएनएस को बताया, "दोनों अपना रास्ता खुद खोजेंगे। मैंने उन्हे उनका फैसला लेने के लिए आजाद रखा है। मैं उन्हें कोई सलाह नहीं देता क्योंकि मुझे किसी ने कोई सलाह नहीं दी थी। अगर वह निराश हैं और सलाह देने को कहते हैं तो मैं उन्हें सलाह दूंगा। उन्हें अपनी समस्याओं का हल खुद ढूंढ़ने दीजिए।"

इमाद ने 2006 में 'यूं होता तो क्या होता' से फिल्मों में कदम रखा। उन्होंने 'दिल दोस्ती एटसेट्रा' और '404 एरर नॉट फाउंड' में काम किया। जबकि विवान, विशाल भारद्वाज की फिल्म 'सात खून माफ' में नजर आए थे।

समानानंतर सिनेमा के प्रतीकों में से एक नसीर ने 'मंथन', 'स्पर्श', 'आक्रोश' और 'मासूम' जैसी फिल्मों में अपने अभिनय की छाप छोड़ी है। चार दशकों से फिल्म जगत से जुड़े शाह को राष्ट्रीय पुरस्कार, पद्मश्री और पद्मभूषण सहित कई पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।

यह पूछने पर कि वह कैसी फिल्में करते हैं, नसीर ने कहा, "मैं फिल्में तभी करता हूं जब मैं करना पसंद करता हूं लेकिन इसके कई कारण हो सकते हैं जिनसे मैं फिल्म करना पसंद करता हूं। कुछ फिल्में पटकथा के कारण, कुछ मजे के कारण। कुछ किसी खास निर्देशक के साथ काम करने के लिए और कुछ फिल्में पैसों के लिए करता हूं। इसलिए फिल्में करने के बहुत से कारण हैं।"

पिछले कुछ सालों में उन्होंने 'मानसून वेडिंग', 'मकबूल' और 'इश्किया' में अपने काम से सभी को प्रभावित किया है। उनकी फिल्म 'डेढ़ इश्किया' भी आने वाली है। 
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