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फिर शुरू होगा कुडनकुलम विरोधी आंदोलन

23 अप्रैल 2012

चेन्नई। तमिलनाडु सरकार द्वारा आश्वासन से मुकरने से नाराज पीपुल्स मूवमेंट न्यूक्लीयर एनर्जी (पीएमएनई) ने 1000-1000 मेगावॉट क्षमता वाले कुडनकुलम परमाणु संयंत्र के खिलाफ अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल एक मई से फिर से शुरू करने की घोषणा की है। पीएमएनई के नेता एम. पुष्पारायन ने सोमवार को कुडनकुलम परमाणु बिजली परियोजना (केएनपीपी) के निकट इदिंथकरई गांव से आईएएनएस को बताया, "हमने एक मई से एक बार फिर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर जाने का फैसला किया है क्योंकि राज्य सरकार अपने आश्वासन से मुकर गई है।"

उन्होंने कहा, "जब हमने इस वर्ष 27 मार्च को भूख हड़ताल खत्म की थी, तो राज्य सरकार ने हमारे साथियों को बिना शर्त छोड़ने एवं सभी झूठे मामलों को वापस लेने पर सहमति जताई थी। इसके अलावा स्वतंत्र समिति द्वारा कुडनकुलम के आसपास के इलाके का भूवैज्ञानिक, जलवैज्ञानिक और समुद्र वैज्ञानिक अध्ययन कराने, केएनपीपी के 30 किमी के दायरे में सुरक्षा एवं निकासी अभ्यास कराने और भारत-रूस के मध्य अंतर सरकारी करार को जारी करने पर सहमति व्यक्त की गई थी।"

पीएमएनई ने बताया कि लगभग एक महीना बीत जाने के बाद भी कोई वादा पूरा नहीं किया गया है। संगठन ने बताया, "31 दिसम्बर 2011 तक 56000 से अधिक लोगों को झूठे मामलों में फंसाया गया है जिसमें 6000 लोगों पर भड़काने का आरोप है।"

पुष्परायन ने बताया कि जिन लोगों को जमानत पर रिहा किया गया है उन्हें रोज स्थानीय पुलिस स्टेशन पर हाजिरी देने जाना पड़ता है।

परमाणु दुर्घटना के विरोध के चलते स्थानीय ग्रामीणों के विरोध के चलते केएनपीपी का कार्य पिछले वर्ष से बाधित चल रहा है। तमिलनाडु सरकार ने भी विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर परियोजना पर काम रोकने की मांग की थी।

केंद्र एवं राज्य सरकार ने मामले को सुलझाने के लिए दो अलग-अलग विशेषज्ञ समितियों का गठन किया था। राज्य सरकार की समिति ने परियोजना को जारी रखने का समर्थन किया था।

राज्य सरकार ने पिछले महीने परियोजना को हरी झंडी देते हुए स्थानीय विकास के लिए 500 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में परियोजना पर काम दोबारा शुरू हुआ।

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