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फिल्म के स्तम्भ होते हैं चरित्र अभिनेता : अनुपम खेरॉ

character actor are coloumn of movies

28 अगस्त 2012

मुम्बई। बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर का मानना है कि फिल्मों में चरित्र अभिनेता की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अनुपम खेर ने सोमवार को ए.के. हंगल की याद में इंडियन पीपुल्स थिएटर एसोसिएशन (इप्टा) द्वारा पृथ्वी थिएटर में आयोजित समारोह में कहा, "हमें चरित्र अभिनेता की संज्ञा दी जाती है और मेरा मानना है कि ये किसी भी फिल्म के स्तम्भ होते हैं। फिल्म को अपने बूते चलाने के लिए आप को प्रशिक्षण लेना ही होगा या फिर आपको रंगमंच से सम्बंधित होना पड़ेगा।"


हंगल का रविवार सुबह लम्बी बीमारी के बाद मुम्बई के आशा पारेख अस्पताल में निधन हो गया था। उन्होंने 'शोले', 'दीवार' एवं 'शौकीन' जैसी फिल्मों में चरित्र भूमिकाएं निभाकर स्वयं को सशक्त ढंग से स्थापित किया।


'सारांश', 'डैडी', 'कर्मा' एवं 'मैंने गांधी को नहीं मारा' जैसी फिल्मों में अभिनय करने वाले अनुपम ने कहा, "इसलिए मेरा मानना है कि रंगमंच करने से आप को बेशमुार आत्मविश्वास मिलता है।"


प्रख्यात अभिनेत्री शबाना आजमी ने भी अनुपम की बात का समर्थन करते हुए कहा कि सभी अभिनेताओं को चरित्र भूमिकाएं निभानी चाहिए।

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