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इटावा में सुनाई पड़ेगी बब्बर शेरों की दहाड़

babbar sher in etawah

4 मई 2012

लखनऊ। इटावा के फिशर वन क्षेत्र में जल्द ही शेरों की दहाड़ सुनाई देगी। उत्तर प्रदेश सरकार ने यहां के वन क्षेत्र में लॉयन सफारी बनाने की समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव की महत्वाकांक्षी योजना पर फिर से काम शुरू कर दिया है।
 
वर्ष 2005 में मुलायम सिंह यादव के मुख्यमंत्रित्वकाल में लॉयन सफारी बनाने की योजना बनी थी। सफारी स्थल के लिए इटावा के फिशर वन क्षेत्र को मुफीद पाया गया था। यहां ब्रिटिश शासनकाल से ही 1,100 हेक्टेयर क्षेत्र आरक्षित वन घोषित है। इटावा मुलायम का गृह जनपद है।

वन विभाग द्वारा इटावा के फिशर वन क्षेत्र में 50 हेक्टेयर पर लॉयन सफारी बनाना तय हुआ था लेकिन बाद में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सरकार ने इस योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया। अब दोबारा निजाम बदलने के बाद अखिलेश यादव सरकार ने इस योजना को फिर से तेजी से काम शुरू कर दिया है।

 प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव) जे.एस. अस्थाना ने बताया, "फिशर वन के 50 हेक्टेयर पर लॉयन सफारी बनाने के पिछली सपा सरकार के प्रस्ताव को 2005 में ही केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) से मंजूरी मिल चुकी है।"

उन्होंने बताया कि लॉयन सफारी को सैद्धांतिक सहमति देते हुए सीजेडए ने सफारी के लिए पहले बब्बर शेरों के प्रजनन केंद्र स्थापित करने और केंद्र में वयस्क शेरों का प्रजनन कराए जाने की शर्त रखी थी।

सीजेडए की इस शर्त पर अमल करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एशियाई प्रजाति के बब्बर शेर मुहैया कराने की खातिर गुजरात सरकार से अनुरोध किया है। गुजरात के जूनागढ़ का गीर राष्ट्रीय उद्यान पूरे एशिया महाद्वीप में शुद्ध एशियाई नस्ल के बब्बर शेरों की एकमात्र रिहायश है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने गुजरात सरकार से लॉयन सफारी के तहत प्रस्तावित प्रजनन केंद्र के लिए शेर एवं शेरनी उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।

अस्थाना ने बताया कि वर्ष 2005 में इस योजना को शुरू करने की लागत 20 करोड़ रुपये तय की गई थी। लॉयन सफारी एक लोकप्रिय पर्यटन केंद्र के रूप में उभरेगा।


 

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