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अशोक मेहता थे महान छायाकार : अनिल

ashok mehta was greatest cinematographer anil kapoor


17 अगस्त 2012

मुम्बई।'बैंडिट क्वीन', 'उत्सव' जैसी कई सफल फिल्मों के सिनेमैटोग्राफर अशोक मेहता के निधन से दुखी अभिनेता अनिल कपूर का मानना है कि वह खुशकिस्मत हैं कि उन्हें मेहता के साथ काम करने का अवसर मिला। 52 वर्षीय अभिनेता ने  कहा, "जब से फिल्म उद्योग की शुरुआत हुई है तब से यहां दो-तीन महान सिनमैटोग्राफर हुए हैं और उनमें अशोक मेहता एक थे। मैं खुशकिस्मत हूं कि मैंने उनके साथ कम से कम आठ फिल्में कीं।"


अनिल ने कहा, "हम दोनों ने साथ में अपने करियर की शुरुआत की थी। मैंने उनके साथ 'पुकार', 'राम लखन' , 'त्रिमूर्ति' की थी। मेरे ख्याल से उन्हें फिल्म '36 चौरंगी लेन' और 'त्रिकाल' के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था।"


मेहता ने अपर्णा सेन की फिल्म '36 चौरंगी लेन', शेखर गुप्ता की 'बैंडिट क्वीन', श्याम बेनेगल की 'मंडी' और 'त्रिकाल' शशि कपूर की 'उत्सव' सुभाष घई की 'राम-लखन', 'खलनायक' और 'किसना', और एम एफ हुसैन की 'गजगामिनी' जैसी कई अन्य फिल्मों के लिए बेहतरीन सिनमैटोग्राफी की थी।


उन्होंने फिल्म 'मोक्ष' का निर्देशन भी किया था।


 

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