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भक्‍तों के जेहन और उनकी शिक्षा में जीवित है सत्‍यसाई बाबा

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25 अप्रैल 2011

पुट्टापर्थी /कुआलालम्पुर। अध्यात्मिक गुरु सत्य साईं बाबा को देश-विदेश में श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा हुआ है। भारतीय क्रिकेट टीम के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने सोमवार को उन्हें अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी मंगलवार शाम को पुट्टापर्थी पहुंचेंगे। उधर, मलेशिया में कई स्थानों पर साई बाबा को श्रद्धांजलि देने के लिए सभाएं आयोजित की गईं।

आंध्र प्रदेश की भारी उद्योग मंत्री जे.गीता रेड्डी ने बताया है कि दोनों नेता (सोनिया, मनमोहन) दोपहर 4.30 बजे पुट्टापर्थी पहुंचेंगे। रेड्डी ने कहा कि श्रद्धालुओं को मंगलवार शाम छह बजे तक बाबा के दर्शन की अनुमति होगी।

राज्य के राजस्व मंत्री रघुवीर रेड्डी ने कहा कि अबतक 100,000 श्रद्धालु बाबा का अंतिम दर्शन कर चुके हैं। बाबा का पार्थिव शरीर रविवार शाम छह बजे से ही प्रशांति निलयम के साई कुलवंत हाल में रखा हुआ है।

मास्टर-ब्लास्टर तेंदुलकर, पत्नी अंजली और मित्र वी.चामुंडेश्वरनाथ के साथ बाबा को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। वह सत्य साईं बाबा के पार्थिव शरीर के पास बैठे थे।

बाबा के अनन्य भक्त रहे सचिन की आंखों से प्रार्थना के दौरान आंसू छलक आए। सचिन पत्नी से रूमाल लेकर अपने आंसू पोंछते नजर आए। उन्होंने सत्य साईं सेंट्रल ट्रस्ट के एक अधिकारी से भी बातचीत की।

सचिन रविवार को ही 38 वर्ष के हुए थे। बाबा के निधन से दुखी सचिन ने अपना जन्मदिन समारोह भी नहीं मनाया था।

उधर,मलेशिया की राजधानी कुआलालम्पुर में स्थित साईं बाबा केंद्र में श्रद्धांजलि देने के लिए 200 से अधिक लोग जमा हुए।

श्री सत्य साई सेंट्रल काउंसिल ऑफ मलेशिया के अध्यक्ष सुरेश गोविंद ने रविवार को बंगसार इलाके में स्थित केंद्र में प्रार्थना सत्र की समाप्ति के बाद कहा, "आज रात हमारी उपस्थिति सामान्य से लगभग दोगुनी होगी। हम बाबा के निधन पर शोक मनाएंगे, जैसा कि हम किसी करीबी पारिवारिक सदस्य के लिए करते हैं।"

गोविंद ने कहा, "बाबा हमारे लिए एक शिक्षक से बढ़कर थे। अपने भक्तों के लिए वह माता-पिता जैसे थे।" उन्होंने कहा कि साईं बाबा के अंतिम संस्कार तक 47 साईं बाबा केंद्रों में प्रार्थनाएं होंगी।

20 वर्षो से बाबा के भक्त रहे आर.रामचंद्र (67) ने कहा, "बाबा की शिक्षाओं के जरिए मैंने सीखा कि मैं चाहे जो भी काम करूं, हमेशा सकारात्मक सोच बनाए रखूं।"

चीनी नागरिक भी बाबा के भक्तों में शामिल हैं। लिम माई ली (35) बंगसार केंद्र में बाबा को अपनी श्रद्धांजलि देने आई थीं। उन्होंने कहा, "मैं दुखी नहीं हूं, क्योंकि मैं जानती हूं कि जब तक हम उनकी शिक्षाओं का पालन करते रहेंगे, बाबा हमेशा हमारे साथ यहां बने रहेंगे।"

पेनांग में साईं बाबा के कुछ भक्तों ने उनके आश्रम पुट्टापर्थी जाने की योजना बनाई थी। उन भक्तों ने कहा कि बाबा के निधन की खबर सुन कर वे सदमे में हैं।

शांता नारायणन (39) ने कहा कि उनका और उनके परिवार का 27 मई का पुट्टपर्थी जाने का टिकट था। उन्होंने कहा, "हम अभी भी चेन्नई जाएंगे। हम बाबा के आश्रम जाकर उनके स्थल का दर्शन करेंगे। यद्यपि भौतिक रूप से वह यहां नहीं हैं, लेकिन बाबा भक्तों के मन-मस्तिष्क में हमेशा निवास करते रहेंगे।"

साई बाबा का लम्बी बीमारी के बाद रविवार सुबह निधन हो गया था। वह 85 वर्ष के थे।

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