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हिमाचल की वादियों में बेटे की बलराज साहनी को श्रद्धांजलि

movie in himachal

9 मई 2012

शिमला। बीते दौर के प्रख्यात अभिनेता बलराज साहनी को पहाड़ बहुत लुभाते थे। यही वजह है कि उनके अभिनेता-बेटे परीक्षित साहनी अपने पिता को श्रद्धांजलि देने के लिए अपने निर्माण की पहली फिल्म यहां बना रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में फिल्मायी जाने वाली यह फिल्म सेना की कहानी होगी। करीब 90 फिल्मों में काम कर चुके परीक्षित ने बताया, "मेरे पिता हिमाचल की शांति को बहुत पसंद करते थे। वह अपना ज्यादातर समय यहां किताबें पढ़ते हुए व्यतीत करते थे।"

परीक्षित की फिल्म शरद कुमार के उपन्यास 'शिखर और सीमाएं' से प्रेरित है। फिल्म में तीन किरदार हैं। उन्होंने मनाली से करीब 51 किलोमीटर दूर पीर पंजाल में रोहतांग दर्रे (3,978 मीटर) में फिल्म की शूटिंग की योजना बनाई है। उन्होंने कहा, "बलराज साहनी प्रोडक्शंस के बैनर तले फिल्म का निर्माण होगा। फिल्म की पटकथा सैनिकों के जीवन के इर्द-गिर्द घूमती है।" परीक्षित ने 'पवित्र पापी' और 'अनोखी रात' जैसी फिल्मों से अपने करियर की शुरुआत की थी।

साहनी परिवार में पहाड़ों के प्रति विशेष लगाव रहा है। कसौली के सनावर के लॉरेंस स्कूल से शिक्षा प्राप्त करने वाले परीक्षित को भी बर्फ से ढके पहाड़, देवदार के वृक्ष और वादियों की शांति बहुत आकर्षित करती है। परीक्षित का यहां घर भी है। उन्होंने बताया, "मैंने पूरी दुनिया की यात्रा की है लेकिन मुझे हिमाचल से ज्यादा खूबसूरत कोई जगह नहीं मिली।"

उन्होंने बताया कि वह अपनी फिल्म में इन पहाड़ों की जादुई खूबसूरती, देवदार व राज-शैली के स्मारकों को फिल्माएंगे। उनकी यह फिल्म खासतौर पर शिमला में फिल्मायी जाएगी।

परीक्षित ने कहा, "रोहतांग दर्रे के नीचे बन रही 8.8 किलोमीटर लम्बी रोहतांग सुरंग भी फिल्मायी जाएगी।"

उन्होंने बताया, "हर मौसम में दूसरी ओर (लाहौल एवं स्पीति जिले का केलोंग) से सम्पर्क सुनिश्चित करने को सीमा सुरक्षा संगठन (बीआरओ) के लोग सुरंगें बना रहे हैं। इससे सैनिकों के दिन-रात जटिल जलवायु परिस्थितियों में काम करते हुए कठिन जीवन गुजारने को दर्शाया जा सकेगा।"

बीआरओ रक्षा मंत्रालय के अधीन एक अंतर-सेवा संगठन है।

टीवी धारावाहिक 'गुल गुलशन गुलफाम' के जरिए मशहूर हो चुके परीक्षित ने बताया कि पहले वह सिक्किम में इस फिल्म को फिल्माने वाले थे।

उन्होंने कहा, "मुझे लगा कि शूटिंग के लिए हिमाचल सबसे अच्छी जगह है। शिमला में ही कई ऐतिहासिक इमारतें हैं, जो सैनिकों के आवास दिखाने के लिए आदर्श इमारतें हैं।"

शिमला में श्वेत-श्माम दौर की 'लव इन शिमला' से लेकर 'जब वी मेट' जैसी रंगीन फिल्में फिल्मायी जा चुकी हैं। यहां 'किंग अंकल', 'ये दिल्लगी', 'बादल', 'गदर-एक प्रेम कथा', 'एलओसी' व 'राजू चाचा' जैसी फिल्मों की शूटिंग हुई है।

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