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जापान में भूकम्प और सुनामी ने मचाई भयंकर तबाही, 74 मरे

massive japan earthquake and tsunami

11 मार्च, 2011

टोक्यो। जापान के उत्तर पूर्वी हिस्से में शुक्रवार को आए 8.9 तीव्रता वाले भूकम्प के बाद आई सुनामी में कम से कम 74 लोग मारे गए हैं जबकि बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। अधिकारियों ने प्रशांत तटीय क्षेत्र को चेतावनी जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा है। इन क्षेत्रों में 10 मीटर ऊंची सुनामी की लहरें उठने की आशंका जताई गई है।

भारत सरकार ने कहा है कि जापान में रह रहे सभी 25,000 भारतीय सुरक्षित हैं। भारत ने जापान के प्रति अपनी सहानुभूति प्रकट की है और जरूरत पड़ने पर सहयोग देने की पेशकश की है।

भूकम्प के बाद उठी सुनामी लहरों ने भयंकर तबाही मचाई हैं। 10 मीटर ऊंची लहरों ने अपने साथ लोगों, कारों, नावों, फसलों और भवनों को बहाकर ले गईं।

जापानी समाचार एजेंसी एनएचके के मुताबिक भूकम्प और सुनामी से कम से कम 74 लोग मारे गए हैं। इवाते प्रांत में 26 लोग और मियागी प्रांत में 10 लोगों की जान गई है। जबकि काफी संख्या में लोग लापता हैं।

एनएचके के मुताबिक नौ प्रांतों में कम से कम 97 जगहों पर आग लगने की सूचना प्राप्त हुई है। मियागी प्रांत में सर्वाधिक आग लगने की घटनाएं हुई हैं।

मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार जापान के इतिहास में यह अब तक का सबसे विनाशकारी भूकम्प है। एजेंसी ने उल्लेख किया कि यहां सामान्य से ज्यादा झटके महसूस किए गए। इनमें से तीन झटके 7 तीव्रता से अधिक थे।

फुकुशिमा प्रांत के मिनामी सोमा में एक सामाजिक संस्था की इमारत के ढह जाने से छह लोगों की मौत हो गई। क्योडो समाचार एजेंसी के मुताबिक इसी प्रांत में भूस्खलन होने के बाद आठ लोग लापता हैं।

स्थानीय समयानुसार मिनामी सोमा दोपहर 3.50 बजे (अंतर्राष्ट्रीय समयानुसार 6.50 बजे) सात मीटर ऊंची सुनामी की लहरों के चपेट में आ गया था।

राजधानी टोक्यो में करीब 50 लोग घायल हुए हैं। इनमें से 35 लोग एक होटल की छत ढहने से घायल हुए। मीडिया की रिपोर्टों में बताया गया है कि टोक्यो में और उसके आस पास भवनों को भारी क्षति पहुंची है।

तट से लगे क्षेत्रों में सुनामी ने भयंकर तबाही मचाई है। सुनामी की लहरों ने सेंदई हवाई अड्डे सहित सड़कों और अन्य बुनियादी जरूरतों को नुकसान पहुंचाया है। लोग सुनामी के पानी से घिरी इमारतों और घर की छतों व खिड़कियों से मदद के लिए गुहार लगा रहे थे।

टेलीविजन के दृश्यों में दिखाया गया है कि इवेट प्रांत के कामीशी में वाहन पानी में डूब गए हैं। यह शहर 4.20 मीटर ऊंची सुनामी की लहरों की चपेट में है। सेंदई और मियागी प्रांत में कई घर बह गए हैं। ओफुनातो एवं इवेट प्रांत के शहरों को भारी नुकसान पहुंचा है। यहां कि गलियों में पानी में मलबे तैर रहे हैं।

जापान के उत्तरी द्वीप होक्काइडो के हिरू में भी सुनामी की ऊंची लहरें उठ रही हैं। चेतावनी दी गई है कि पूर्वी तटों पर 10 मीटर ऊंचाई तक की लहरें उठ सकती हैं।

सूनामी की चेतावनी दक्षिणी जापान, रूस, मारकस द्वीप, उत्तरी मैरिएनास के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की है। ताईवान, फिलीपींस, इंडोनेशिया, हवाई, गुएम व प्रशांत क्षेत्र के अन्य द्वीपों के लिए भी चेतावनी जारी की गई है।

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 8.9 मापी है जबकि जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी ने शुरुआत में इस भूकम्प की तीव्रता 8.8 मापी थी।

स्थानीय समयानुसार दोपहर 2.46 बजे (अंतर्राष्ट्रीय समयानुसार 05.46 बजे) भूकम्प के झटके महसूस किए गए। भूकम्प का केंद्र सेंदई से 130 किलोमीटर दूर पूर्व में और टोक्यो से 373 किलोमीटर दूर पूर्वोत्तर में जमीन में 24.4 किलोमीटर की गहराई पर था।

टोक्यो के समीप नैरिटा अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा से छोटे स्तर पर उड़ानें शुरू की गई हैं। देश के अन्य सेंडा, इवेट, हानामाकी, एयोमोरी और यामागाटा के हवाईअड्डों को बंद कर दिया गया है।

टोक्यो में इमारतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं। कुछ इमारतों की छतें ढह गई हैं। पूर्वी टोक्यो के इचिहैरा और चिबा प्रांत में स्थित पेट्रोकैमिकल परिसरों में आग लग गई है।

अधिकारियों ने बताया कि सेंदइ में 14 स्थानों पर आग लगने की सूचना है। भूकम्प के बाद मियागी प्रांत के ओनागावा नाभिकीय ऊर्जा केंद्र के एक टरबाइन में आग लग गई लेकिन यहां के अधिकारियों ने विकिरण फैलने से इंकार किया है। भूकम्प के बाद मियागी और फुकुशिमा प्रांतों के नाभिकीय ऊर्जा केंद्रों ने अपने आप ही काम करना बंद कर दिया।

एनएचके के अनुसार महानगरों में करीब 39 लाख घरों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई। टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर को. के मुताबिक पूर्वी जापान के लगभग 44 लाख घरों में बिजली गुल हो गई है।

पूर्वोत्तर जापान एवं टोक्यो के आस पास आ रहे भूकम्प के झटकों को देखते हुए इन इलाकों में बुलेट रेलगाड़ियों सहित अन्य रेल सेवाएं रोक दी गई हैं। मोबाइल सेवा ने भी काम करना बंद कर दिया है।

प्रधानमंत्री नाओतो कान ने कहा है कि भूकम्प के बाद की स्थिति से निपटने के लिए सरकार एक कार्य बल का गठन करेगी। जबकि मुख्य कैबिनेट सचिव यूकिओ इदानो ने कहा कि अन्य देशों से मदद की पेशकश प्राप्त हुई है।

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