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अधिक दिनों तक खुश नहीं रह सका हेडली

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27 मई 2011

शिकागो। पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली ने कहा है कि मुम्बई हमले के बाद वह अधिक दिनों तक खुश नहीं रह पाया था, जबकि एक दिन पहले ही उसने कहा था कि 26 नवम्बर, 2008 के हमले पर वह बहुत खुश हुआ था।

दूसरी ओर अमेरिका ने कहा है कि वह आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ सहयोग कर रहा है और मुम्बई हमला भी उसमें शामिल है। लेकिन वाशिंगटन ने मुम्बई हमले में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसिस इंटेलिजेंस (आईएसआई) की भूमिका के बारे में खुलासे पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मार्क टोनर ने संवाददाताओं से कहा, "आतंकवाद के खिलाफ हम भारत से सहयोग कर रहे हैं, निश्चित रूप से इसमें मुम्बई हमला भी शामिल है। हमारा सहयोग इससे भी विस्तृत स्तर पर है। यह सहयोग बेहद लाभदायक है।"

पाकिस्तानी मूल के कनाडाई संदिग्ध तहव्वुर हुसैन राणा के वकीलों द्वारा गुरुवार को की गई जिरह के दौरान हेडली उर्फ दाऊद गिलानी ने कहा कि पाकिस्तान से गतिविधियां चलाने वाले लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों द्वारा किए गए हमले पर वह उस समय खुश हुआ था, लेकिन वह खुशी अधिक समय तक नहीं टिक पाई थी।

हेडली ने मृत्युदंड से बचने के लिए आतंकवाद के 12 आरोपों में दोष स्वीकार कर लिया है। बचाव पक्ष के वकील पैट्रिक ब्लेगन ने उससे पूछा : "तुम्हें उस समय इस हमले पर गर्व हुआ था?" हेडली ने जवाब दिया, "जी हां।"

ब्लेगन ने पूछा, "क्या तुम्हें आज भी इस पर गर्व है?" हेडली ने बेहिचक जवाब दिया, "नहीं।"

हेडली ने कहा है कि नवम्बर 2008 में जब हमला हुआ था, तो उस समय उसे गर्व हुआ था, क्योंकि वह हमला मुसलमानों की मौतों का बदला था। लेकिन उसने अपनी भावना में बदलाव का कोई कारण गुरुवार को नहीं बताया।

हेडली ने कहा कि उसने अपने पुराने मित्र तहव्वुर राणा के साथ मुम्बई हमले की साजिश का खुलासा कर सम्भवत: गलती की थी।

हेडली ने कहा कि ऐसा करके उसने आईएसआई और लश्कर-ए-तैयबा से प्राप्त हुए जासूसी प्रशिक्षण का उल्लंघन किया था।

राणा के वकीलों ने गुरुवार को जिरह के दौरान हेडली को चुनौती दी कि आईएसआई के सूत्रधार (मेजर इकबाल) के बारे में उसके पास क्या सबूत है, जिसने उसके मुम्बई प्रवास के दौरान उसे दिशानिर्देश मुहैया कराए थे।

चार्ल्स स्विफ्ट ने कहा, "तुम यहां तक कि उसे पहचान या ढूंढ भी नहीं सकते?" इस पर हेडली ने सहमति जताई।

हेडली ने इस सप्ताह कहा था कि आईएसआई और पाकिस्तानी सेना में शामिल कुछ तत्वों ने लश्कर के हमले का समन्वयन किया था। इस सम्बंध में उसने 'पाशा' नाम के एक सेवानिवृत्त मेजर का नाम लिया था।

स्विफ्ट ने पूछा : "मेजर इकबाल ने कहा कि राणा को केवल मोटी-मोटी बातें बताओ?" हेडली ने कहा, "जितना जानना उसके लिए जरूरी हो।"

स्विफ्ट ने कहा, "(हेडली के खुफिया प्रशिक्षण का) एक पाठ यह था कि किसी पर भरोसा मत करो। फिर भी तुम्हें जो सिखाया गया था, उस सबका उल्लंघन कर दिया?"

हेडली ने कहा, "मैंने कुछ सीखों का उल्लंघन किया।" हेडली, मोरक्कको मूल की अपनी दूसरी पत्नी को हमले से एक वर्ष से भी अधिक समय पहले मुस्लिम परिधान में ताज महल होटल लेकर गया था।

स्विफ्ट ने कहा कि कोई भी गलत कदम उसके इस झूठ को बेनकाब कर सकता था कि वह एक गैर मुस्लिम अमेरिकी है जो राणा के लिए आव्रजन कार्यालय खोल रहा है।

हेडली ने कहा, "मुझे लगता है कि मैं लापरवाह हो गया था।"

हेडली ने तीन महिलाओं के साथ शादी की थी। उसने कहा कि वह एक पर्यटक के रूप में लश्कर के लिए हमला स्थलों का वीडियो तैयार कर रहा था, लेकिन उसे तब तक यह नहीं पता था कि होटल भी निशाने पर था।

हेडली ने यह भी स्वीकार किया कि आईएसआई के सूत्रधार, मेजर इकबाल ने मुम्बई हमले के प्रमुख षडयंत्रकारियों के सम्पर्क में रहने के लिए अमेरिकी नम्बर वाले एक विशेष सेल फोन का इस्तेमाल किया था।

हेडली ने कहा कि इकबाल ने इस फोन का इस्तेमाल इसलिए किया था, क्योंकि उसका मानना था कि पाकिस्तान और भारत के बीच अधिकांश फोन कॉल पर नजर रखी जाती है।

राणा के वकील स्विफ्ट ने पूछा, "यह (इकबाल का फोन) कोई विशेष सेल फोन था?"

हेडली : "मेजर इकबाल के पास (अमेरिकी नम्बर वाला) एक विशेष सेल फोन था। मैं जब भारत में था, तो वह उसी फोन से मुझसे सम्पर्क करता था। उसने मुझे वह फोन नम्बर दिया था।"

स्विफ्ट : "उसने तुमसे कहा कि यदि कोई महत्वपूर्ण बात हो तो हमें इस नम्बर पर कॉल करो?"

हेडली : "मेरे पास भारत में एक सेल फोन था। आवश्यकता पड़ने पर वह मुझे कॉल करता था।"

मेजर इकबाल ने हेडली के मुम्बई प्रवास के दौरान उससे सम्पर्क में रहने के लिए न्यूयार्क के नम्बर वाले एक सेल फोन का इस्तेमाल किया था।

 

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