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उबाऊ टीवी कार्यक्रमों की कोई जगह नहीं (2013 एक नजर में)

chhanchhan-bollywood-26122013
26 दिसम्बर 2013
नई दिल्ली|
छोटे पर्दे के ठेठ सास-बहू या पारिवारिक कार्यक्रमों ने बहुत लंबी जिंदगी जी ली है! 'छनछन' और 'दिल की नजर से खूबसूरत' सरीखे टीवी कार्यक्रम की असफलता ने साफ संदेश दिया है कि दर्शक अब कुछ नई और मौलिक सामग्री चाहते हैं।

रोमांचक कार्यक्रम '24' और 'कॉमेडी नाइट्स विद कपिल' के जादू से घिरे हिंदी मनोरंजक चैनलों के प्रशंसकों ने अब पुरानी और उबाऊ सास-बहू कहानियों को ठेंगा दिखा दिया है। कार्यक्रम खंड में उन्होंने दो मुस्लिम परिवारों की कहानी 'कबूल है' और शरतचंद्र चट्टोपध्याय के उपन्यास नाबा बिधान पर आधारित 'तुम्हारी पाखी' को सराहा।

आईएएनएस ने ऐसे कार्यक्रमों को सूचीबद्ध किया है जिनकी शुरुआत तो दमदार रही, लेकिन वह जल्द असफल साबित हुए।

.छनछन : दिलचस्प ट्रीजर और जबर्दस्त विपणन के साथ शुरू हुए सोनी के कार्यक्रम 'छनछन' ने आम सास-बहू धारावाहिकों में एक सुखद बदलाव लाने का वादा किया। लेकिन यह निर्थक निकला। इसकी विषयवस्तु नई बोतल में पुरानी शराब सरीखी निकली। यह शो 25 मार्च से प्रसारित हुआ और 19 सितंबर को बंद हो गया।

सावित्री : सब कुछ अलौकिक देखने योग्य नहीं होता। 'सावित्री' की असफलता यह बात सिद्ध करती है। लाइफ ओके चैनल के इस कार्यक्रम की विषयवस्तु आकर्षक थी। कार्यक्रम में एक गृहिणी (रिद्धी डोगरा) अपने पति (यश पंडित) को बुरे मनुष्य राहुकाल से बचाने के लिए लड़ती है। लेकिन कार्यक्रम को दर्शकों से अच्छी प्रतिक्रिया नहीं मिलीं। कार्यक्रम फरवरी में प्रसारित होना शुरू हुआ और सिर्फ अक्टूबर तक ही चल सका।

मिसेज पम्मी प्यारेलाल : इस गुदगुदाते कार्यक्रम ने शुरुआत में काफी दर्शक पाए। लेकिन पुरुष पात्र गौरव गेरा का महिला रूप लेना और पम्मी बनना दर्शकों को ज्यादा दिन नहीं लुभा सका। जुलाई में कलर्स चैनल पर शुरू हुआ यह कार्यक्रम चार माह के भीतर ही हवा हो गया।

दिल की नजर से खूबसूरत : आमतौर पर खूबसूरती और जंगलीपन की अवधारणा काम करती है, लेकिन धमाकेदार शुरुआत करने वाला कार्यक्रम 'दिल की नजर से खूबसूरत' रिरियाहट के साथ बंद हुआ। सौम्या सेठ, रोहित खुराना और सचिन श्राफ अभिनीत यह कार्यक्रम फरवरी में प्रसारित होना शुरू हुआ, लेकिन दर्शकों के कम झुकाव के चलते जुलाई में बंद कर दिया गया।

पुनर्विवाह..एक नई उम्मीद : पहले भाग की सफलता के बाद 'पुनर्विवाह' अपने दूसरे भाग 'पुनर्विवाह..एक नई उम्मीद' के साथ आया। इसका पहला भाग मनोरंजक और दिलचस्प था। गुरमीत चौधरी और कृतिका सेंगर के बीच की केमिस्ट्री से छोटा पर्दा सुलग उठा। लेकिन दूसरे भाग में करन ग्रोवर, सृष्टि रोडे और रूबीना दिलक की त्रिकोणीय प्रेमकहानी विषयवस्तु को मसालेदार बनाने में असफल रही। दूसरे भाग ने दर्शकों को निराश किया। जी टीवी पर प्रसारित होने वाला यह कार्यक्रम अपनी शुरुआत के छह माह बाद (नवंबर में) वापस खींच लिया गया। (आईएएनएस)| छोटे पर्दे के ठेठ सास-बहू या पारिवारिक कार्यक्रमों ने बहुत लंबी जिंदगी जी ली है! 'छनछन' और 'दिल की नजर से खूबसूरत' सरीखे टीवी कार्यक्रम की असफलता ने साफ संदेश दिया है कि दर्शक अब कुछ नई और मौलिक सामग्री चाहते हैं।

रोमांचक कार्यक्रम '24' और 'कॉमेडी नाइट्स विद कपिल' के जादू से घिरे हिंदी मनोरंजक चैनलों के प्रशंसकों ने अब पुरानी और उबाऊ सास-बहू कहानियों को ठेंगा दिखा दिया है। कार्यक्रम खंड में उन्होंने दो मुस्लिम परिवारों की कहानी 'कबूल है' और शरतचंद्र चट्टोपध्याय के उपन्यास नाबा बिधान पर आधारित 'तुम्हारी पाखी' को सराहा।

आईएएनएस ने ऐसे कार्यक्रमों को सूचीबद्ध किया है जिनकी शुरुआत तो दमदार रही, लेकिन वह जल्द असफल साबित हुए।

.छनछन : दिलचस्प ट्रीजर और जबर्दस्त विपणन के साथ शुरू हुए सोनी के कार्यक्रम 'छनछन' ने आम सास-बहू धारावाहिकों में एक सुखद बदलाव लाने का वादा किया। लेकिन यह निर्थक निकला। इसकी विषयवस्तु नई बोतल में पुरानी शराब सरीखी निकली। यह शो 25 मार्च से प्रसारित हुआ और 19 सितंबर को बंद हो गया।

सावित्री : सब कुछ अलौकिक देखने योग्य नहीं होता। 'सावित्री' की असफलता यह बात सिद्ध करती है। लाइफ ओके चैनल के इस कार्यक्रम की विषयवस्तु आकर्षक थी। कार्यक्रम में एक गृहिणी (रिद्धी डोगरा) अपने पति (यश पंडित) को बुरे मनुष्य राहुकाल से बचाने के लिए लड़ती है। लेकिन कार्यक्रम को दर्शकों से अच्छी प्रतिक्रिया नहीं मिलीं। कार्यक्रम फरवरी में प्रसारित होना शुरू हुआ और सिर्फ अक्टूबर तक ही चल सका।

मिसेज पम्मी प्यारेलाल : इस गुदगुदाते कार्यक्रम ने शुरुआत में काफी दर्शक पाए। लेकिन पुरुष पात्र गौरव गेरा का महिला रूप लेना और पम्मी बनना दर्शकों को ज्यादा दिन नहीं लुभा सका। जुलाई में कलर्स चैनल पर शुरू हुआ यह कार्यक्रम चार माह के भीतर ही हवा हो गया।

दिल की नजर से खूबसूरत : आमतौर पर खूबसूरती और जंगलीपन की अवधारणा काम करती है, लेकिन धमाकेदार शुरुआत करने वाला कार्यक्रम 'दिल की नजर से खूबसूरत' रिरियाहट के साथ बंद हुआ। सौम्या सेठ, रोहित खुराना और सचिन श्राफ अभिनीत यह कार्यक्रम फरवरी में प्रसारित होना शुरू हुआ, लेकिन दर्शकों के कम झुकाव के चलते जुलाई में बंद कर दिया गया।

पुनर्विवाह..एक नई उम्मीद : पहले भाग की सफलता के बाद 'पुनर्विवाह' अपने दूसरे भाग 'पुनर्विवाह..एक नई उम्मीद' के साथ आया। इसका पहला भाग मनोरंजक और दिलचस्प था। गुरमीत चौधरी और कृतिका सेंगर के बीच की केमिस्ट्री से छोटा पर्दा सुलग उठा। लेकिन दूसरे भाग में करन ग्रोवर, सृष्टि रोडे और रूबीना दिलक की त्रिकोणीय प्रेमकहानी विषयवस्तु को मसालेदार बनाने में असफल रही। दूसरे भाग ने दर्शकों को निराश किया। जी टीवी पर प्रसारित होने वाला यह कार्यक्रम अपनी शुरुआत के छह माह बाद (नवंबर में) वापस खींच लिया गया।
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