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कांग्रेस में फेरबदल की अटकलें

changes in congress possible

25 अप्रैल 2012

नई दिल्ली। चार केंद्रीय मंत्रियों की पद छोड़ने की पेशकश की रपटों के बाद कांग्रेस एवं संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार में फेरबदल की अटकलें मंगलवार को बढ़ गईं लेकिन दो मंत्रियों ने बाद में इससे इंकार किया कि उन्होंने पद छोड़ने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखा है। प्रवासी मामलों के मंत्री व्यालार रवि एवं केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि उन्होंने अपना पद छोड़ने की पेशकश करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र नहीं लिखा है।

ज्ञात हो कि मीडिया में इस तरह की रपटें आईं कि कम से कम चार मंत्रियों रमेश, रवि, सलमान खुर्शीद (कानून) एवं गुलाम नबी आजाद (आजाद) ने सरकार छोड़ने की पेशकश करते हुए पार्टी के लिए काम करने की इच्छा जताई है। पद छोड़ने की पेशकश करने वालों में प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी. नारायणसामी के नाम का भी उल्लेख किया गया है।

रवि ने कहा कि वह आंध्र प्रदेश के उप चुनावों के सिलसिले में गांधी से मिले लेकिन उन्हें पत्र नहीं लिखा।

रवि ने कहा, "मैं अपना काम करते हुए काफी खुश हूं और मैं इसे जारी रखूंगा। मैं अलग-अलग समय पर विभिन्न राज्यों में भेजा जा चुका हूं। इस बार उप-चुनावों के लिए मुझे आंध्र प्रदेश देखने के लिए कहा गया है और मैं वहां कुछ दिनों के लिए जाऊंगा।"

रमेश ने भी कहा कि उन्होंने अपना पद छोड़ने की पेशकश करते हुए पत्र नहीं लिखा है। रमेश एक रणनीतिकार माने जाते हैं और उन्होंने गत लोकसभा चुनावों से कुछ महीने पहले पार्टी के लिए काम करने के वास्ते इस्तीफा दिया था।

केंद्रीय कानून एवं अल्पसंख्यक मंत्री खुर्शीद ने पद छोड़ने की पेशकश करते हुए पत्र लिखा है कि नहीं, उन्होंने हालांकि, इसकी पुष्टि करने से इंकार किया।

खुर्शीद ने एक समाचार चैनल से कहा, "पार्टी पहले होती है, सरकार पार्टी बनाती है न कि सरकार पार्टी।"

समझा जाता है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद खुर्शीद ने मंत्री पद छोड़ने की इच्छा जताते हुए गांधी को पत्र लिखा।

नारायणसामी ने भी खुर्शीद की ही तरह अपनी बात रखी।

उन्होंने कहा, "प्राथमिकता में पार्टी है।" नारायणसामी ने कहा कि वह पार्टी के एक समर्पित सिपाही हैं और गांधी द्वारा दिए गए किसी भी कार्य को पूरा करेंगे। जबकि आजाद ने मीडिया की अटकलों पर कोई टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्रियों के पद छोड़ने की पेशकश की अटकलें उस दिन आईं जब कांग्रेस ने पृथक तेलंगाना की मांग को लेकर संसद के बजट सत्र की कार्यवाही बार-बार बाधित करने पर अपने चार सांसदों को मंगलवार को निलम्बित कर दिया।

कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि गांधी ने केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी, रक्षा मंत्री ए.के. एंटनी, केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम और अहमद पटेल सहित पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ बैठक की। इस बैठक में संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल एवं नारायणसामी भी मौजूद थे। सूत्रों ने बताया कि खुर्शीद एवं रमेश ने गांधी से शाम के वक्त मुलाकात की।

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