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आश्रम में होगा बाबा का अनशन, दिल्ली में करेंगे अन्ना

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5 जून 2011

हरिद्वार/नई दिल्ली। भ्रष्टाचार तथा काले धन के विरोध में दिल्ली के रामलीला मैदान में अनशन पर बैठे बाबा रामदेव को केंद्र सरकार ने भले ही रविवार सुबह जबरन हरिद्वार पहुंचा दिया लेकिन इसके बावजूद उनके हौंसलें पस्त नहीं हुए हैं। बाबा ने हरिद्वार में ही अनशन जारी रखने का फैसला किया है।

इस बीच बाबा को देशव्यापी समर्थन मिला है। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने आठ जून को जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठने का एलान कर दिया है वहीं सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने संयुक्त लोकपाल मसौदा समिति की अगली बैठक केबहिष्कार की घोषणा की है। हर किसी ने बाबा और उनके समर्थकों पर मध्यरात्रि में की गई पुलिसिया कार्रवाई की निंदा की है। भाजपा ने राजघट पर सत्याग्रह आरम्भ कर दिया वहीं कांग्रेस तथा पुलिस ने इस कार्रवाई का बचाव करते हुए इस पर सफाई दी।

केंद्र सरकार द्वारा योग गुरु बाबा रामदेव के नई दिल्ली की सीमा में प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध के मद्देनजर उन्होंने हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ में ही अपना अनशन जारी रखने का फैसला किया। इससे पहले अनशन जारी रखने के लिए दिल्ली जा रहे बाबा रामदेव उत्तर प्रदेश प्रशासन के अनुरोध पर रविवार रात मुजफ्फरनगर जिले से हरिद्वार वापस लौट आए।

बाबा रामदेव को उत्तर प्रदेश प्रशासन ने मुजफ्फरनगर जिले में रुड़की से सटी उत्तर प्रदेश व उत्तराखण्ड की सीमा पर प्रवेश करने से रोका गया और उन्हें वापस हरिद्वार भेज दिया गया।

उत्तर प्रदेश के प्रमुख अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "बाबा दिल्ली की ओर जा रहे थे। हमने उनसे कहा कि आपका दिल्ली में प्रवेश निषेध है। हमने उनसे आग्रह किया कि वह वापस लौट जाएं। बाबा ने हमारे आग्रह को स्वीकार किया और वह वापस हरिद्वार लौट गए।"

इस घटना के थोड़ी देर बाद हरिद्वार में दिन के अपने तीसरे संवाददाता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए बाबा रामदेव ने कहा, "अब हम यहीं पतंजलि योगपीठ में ही अनशन पर बैठेंगे। हम उत्तराखण्ड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अपने समर्थकों से आग्रह करते हैं कि वे कल सुबह से यहां पहुंचे और अपना समर्थन हमें दें।"

मुजफ्फरनगर से वापस आने के बारे में पूछे जाने पर बाबा रामदेव ने कहा, "प्रशासनिक स्तर पर लिया गया प्रारम्भिक निर्णय था यह। बहन मायावती जब लखनऊ लौटेंगी तो उनसे बात करूंगा। उन्होंने भी रामलीला मैदान पर हुई पुलिस बर्बरता की निंदा की है।"

बाबा रामदेव ने कहा, "यह दुर्भाग्य की बात है कि लोकतंत्र के शिखर पर बैठे लोग दायित्व का निर्वहन नहीं कर पा रहे हैं। वे अपने कर्तव्य से विमुख हो रहे हैं और हम पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगा रहे हैं।"

उन्होंने कहा कि सरकारें यदि अपना संवैधानिक दायित्व निभाती तो भारत दरिद्र नहीं समृद्ध राष्ट्र होता, भ्रष्टाचार में नम्बर वन नहीं बल्कि सदाचार में नम्बर एक होता।

कांग्रेस द्वारा बाबा के खिलाफ जांच कराए जाने सम्बंधी मांग के बारे में उन्होंने कहा, "मुझे प्रसन्नता होगी, यदि ऐसा होता है। मेरे आर्थिक, चारित्रिक और आपराधिक सुचिता पर कोई प्रश्नचिह्न नहीं खड़ा कर सकता है।"

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "दिल्ली किसी के बाप की नहीं है, पूरे हिन्दुस्तान की है।"

भ्रष्टाचार के खिलाफ जंतर-मंतर से देशव्यापी मुहिम शुरू करने वाले अन्ना हजारे ने रामलीला मैदान की घटना के विरोध में एकबार फिर वहां आठ जून को एक दिवसीय धरना तथा अनशन करने का ऐलान किया।

इसके साथ ही सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने संयुक्त लोकपाल मसौदा समिति की अगली बैठक का बहिष्कार का भी ऐलान किया है।

वरिष्ठ गांधीवादी और सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने रविवार शाम एक संवाददाता सम्मेलन में बाबा रामदेव के अनशन के दौरान की गई पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की और कहा कि सरकार लोकशाही का गला घोंटने की कोशिश कर रही है। इसके विरोध में वह आठ जून को जंतर-मंतर पर एक दिवसीय अनशन करेंगे। इसमें शामिल होने के लिए उन्होंने देशवासियों का भी आान किया।

सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की ओर से जारी एक बयान में रविवार शाम यह भी कहा गया कि घटना के विरोध में सख्त लोकपाल विधेयक का मसौदा तय करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई 10 सदस्यीय समिति की अगली बैठक में उसके प्रतिनिधि हिस्सा नहीं लेंगे।

इससे पहले, बाबा ने अपने दूसरे संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि पुलिस की कार्रवाई से डरकर वह चुप नहीं बैठेंगे। उनका अनशन जारी रहेगा और यह दिल्ली या दिल्ली के आसपास ही होगा।

हरिद्वार में बाबा रामदेव ने रविवार देर शाम तक तीन संवाददाता सम्मेलन को सम्बोधित किया और तीनों में उनके तेवर अलग-अलग नजर आए। दोपहर के संवाददाता सम्मेमलन में जहां बाबा रामदेव सफेद कुर्ते-पायजामे में नजर आए, वहीं शाम होते-होते उन्होंने दोबारा गेरूआ वस्त्र धारण कर लिया। रात का उनका रुख आक्रामक दिखा।

शाम को संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनके कार्यकर्ता देशभर में घर-घर जाकर लोगों को सरकार के अत्याचार की जानकारी देंगे। इस निर्मम कार्रवाई पर देश की जनता सरकार से जवाब मागेंगी। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर सीधा निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि यदि उन्हें कुछ होता है तो इसके लिए वह जिम्मेदार होंगी।

इससे पहले दोपहर के संवाददाता सम्मेलन में भी उन्होंने सोनिया पर सीधा हमला बोला था और कहा था कि देश की महिलाओं और बच्चों के लिए उनमें कोई संवेदना नहीं है। पुलिस पर अपने साथ बदसलूकी करने और और कपड़े से गला घोंटकर उनकी हत्या की कोशिश का आरोप भी लगाया था।

रामलीला मैदान में हुई पुलिस की कार्रवाई को बर्बर और वीभत्स बताते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों को घसीट-घसीटकर मारा गया। चारों तरफ गोलियां और आंसू गैस के गोले चल रहे थे। इतनी क्रूरता आपातकाल में भी नहीं हुई थी।

पुलिस ने यह कहते हुए कार्रवाई का बचाव किया कि यहां सिर्फ 5,000 लोगों को एकत्र करने की अनुमति दी गई थी, लेकिन 50,000 जमा हो गए, जिससे सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया था। फिर यहां केवल योग प्रशिक्षण की अनुमति मिली थी, लेकिन बाबा रामदेव और उनके समर्थक भड़काऊ भाषण करने लगे थे। शनिवार रात को भी पुलिस ने बाबा रामदेव के समर्थकों की ओर से पथराव के बाद ही बल प्रयोग किया।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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