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86 फिल्मों के बाद आलोचकों की परवाह कौन करता है : प्रियदर्शन

after 86 films who cares about critics

28 अगस्त 2012

मुम्बई। भारतीय फिल्म उद्योग को 86 फिल्में दे चुके निर्माता-निर्देशक प्रियदर्शन का कहना है कि इतनी फिल्मों के बाद आलोचकों की परवाह किसे होती है?


राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता प्रियदर्शन ने  कहा कि फिल्में दो तरह की होती हैं- एक आलोचकों के लिए और दूसरी दर्शकों के लिए। दोनों तरह के सफल फिल्मों का निर्माण कर चुके प्रियदर्शन ने कहा कि उनकी अगली फिल्म 'कमाल धमाल मालामाल' पूरी तरह मसाला फिल्म है, जिसे देखकर दर्शक खुश होंगे।


प्रियदर्शन ने कहा कि इस बात की परवाह किए बगैर वह गम्भीर व मसाला, दोनों तरह की फिल्में बनाना जारी रखेंगे कि फिल्म 100 करोड़ रुपये के क्लब में शामिल होती है या नहीं। उनकी फिल्म 'कमाल धमाल मालामाल' सितम्बर के आखिर में प्रदर्शित होने वाली है।


उन्होंने साफ कहा कि उनकी यह फिल्म आलोचकों के लिए नहीं है। प्रियदर्शन ने कहा, "86 फिल्मों के निर्माण के बाद आलोचकों की परवाह कौन करता है? यदि मैं चाहता हूं कि आलोचक मेरी फिल्में पसंद करें तो इसके लिए मैंने तमिल फिल्म 'कांजीवरम' बनाई, जिसने मुझे राष्ट्रीय पुरस्कार दिलवाया। वह फिल्म आलोचकों के लिए थी, यह उनके लिए नहीं है। 'कमाल धमाल मालामाल' लोगों के मनोरंजन के लिए है।"


उन्होंने कहा, "विभिन्न भाषाओं में 86 फिल्मों के निर्माण के बाद आप वही करते हैं जो आपको सही लगता है। फिल्में असफल होती हैं तो कुछ सफल। लेकिन यदि आप लगातार असफल फिल्में देते हैं तो आप बाहर हो जाते हैं।"


'हेराफेरी', 'हंगामा' तथा 'भूल भुलैया' जैसी हास्य प्रधान और 'चित्रम' तथा 'कांजीवरम' जैसी दक्षिण की गम्भीर फिल्में दे चुके प्रियदर्शन की पिछली दो फिल्में मुद्दा आधारित 'आक्रोश' तथा एक्शन थ्रिलर 'तेज' को वांछित प्रतिक्रिया नहीं मिली। लेकिन इससे वह निराश नहीं हैं। उनका कहना है, "मुझे लगता है लोग मुझसे केवल हास्य प्रधान फिल्मों की उम्मीद करते हैं।"


हाल के दिनों में हिन्दी फिल्म उद्योग की कई फिल्में कमाई के मामले में 100 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार गई हैं। लेकिन इस बारे में प्रियदर्शन का कहना है, "उन फिल्मों में बड़े सितारे थे। हमारे पास छोटे सितारे हैं। मेरी महत्वाकांक्षा नहीं है कि फिल्म 100 करोड़ रुपये की कमाई का आंकड़ा पार करे, क्योंकि फिल्म अधिक बजट से नहीं बनाई गई है। इससे लोग जितने खुश होंगे, हमें भी खुशी होगी।"

 

 

 

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