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अभय को पसंद हैं रचनात्मक फिल्में

abhay wants to do again zindagi na milegi dobara

18 अक्टूबर 2012


मुम्बई। फिल्म की कमाई की जगह पटकथा को तरजीह देने वाले अभिनेता अभय देओल रचनात्मकता और व्यवसायिकता के मिश्रण वाली 'जिंदगी न मिलेगी दुबारा' जैसी फिल्म दुबारा करना चाहेंगे। उन्होंने कहा, "मेरी फिल्म 'जिंदगी न मिलेगी दुबारा' ने 100 करोड़ की कमाई की थी जिसमें मैं भी था। यह विषय पर निर्भर करता है। हर फिल्म 100 करोड़ नहीं कमा सकती। अगर मैं सिर्फ 100 करोड़ वाली फिल्म करना चाहूं तो यह फिल्म के अन्य कलाकार और विषय पर निर्भर करेगा।"


फिल्म 'सोचा न था' से करियर की शुरुआत करने वाले अभय की फिल्मी यात्रा बेहद रोचक रही है। उन्होंने 'देव डी', 'ओए लक्की लक्की ओए' जैसी फिल्मों से पहचान बनाई है।


अभय ने कहा, "मैं आंकड़े पर ध्यान नहीं देता। मैं सिर्फ रचनात्मक फिल्मों में काम करता हूं. ऐसी फिल्में जिनमें मैं अपनी रचनात्मकता दिखा सकूं। मुझे 'जिंदगी न मिलेगी दुबारा' पसंद आई क्योंकि मुझे लगा कि इसमें 100 करोड़ कमाने की क्षमता है और साथ ही यह रचनात्मक, व्यवसायिक और अच्छी पटकथा वाली फिल्म थी। अगर मुझे ऐसी फिल्म मिलती है तो मैं जरूर करूंगा। उम्मीद है 'चक्रव्यूह' को बड़ी सफलता मिलेगी।"


फिल्मकार प्रकाश झा की 'चक्रव्यूह' में अभय के साथ अर्जुन रामपाल, एशा देओल और मनोज बाजपेयी ने भी अभिनय किया है।

 

 

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