
निर्देशक: इम्तियाज अली
संगीत: प्रीतम
कलाकार: ऋषि कपूर, सैफ अली खान, दीपिका पादूकोण, राहुल खन्ना और फ्लोरेंस ब्रुन्डेल ब्रुस
लव आज कल की कहानी अलगाव से शुरू होती है। यह अलगाव ही कहानी का मूल बिंदू है। जय (सैफ अली खान) और मीरा (दीपिका पादूकोण) एक दूसरे से बहुत प्रेम करते है। एक समय में उन्हें लगता है कि प्रेम उनके करियर में आड़े आ रहा है तो वे एक दूसरे से अलग हो जाते है। अलग होने बाद उन्हें अहसास होता है कि वे एक दूसरे के बिना नहीं रह सकतें है। इसके साथ एक और प्रेम कहानी है जो कल की है यानि पिछले युग की प्रेम कहानी है। जिसमें वीर (सैफ अली खान) पहली नजर में ही हरलिन को दिल दे बैठता है और उसे हर जन्म में अपनी पत्नी बनाने के बारे में सोचता है।
आज की प्रेम कहानी में प्रेम के दूसरे मायने है जब आपके दिल में प्रेम तो है लेकिन उसे निभाने के लिए जज्बा नहीं है। वहीं दूसरे युग की प्रेम कहानी में प्रेम ही सबकुछ है। वीर हरलिन की एक झलक पाने के लिए प्रतिदिन कई किलोमीटर साइकिल पर सवार होकर आता है। आज के प्रेम में लोग पहले अपने करियर, खुशियों के बारे में पहले सोचतें है और प्रेम निभाने के बारे में बाद में सोचतें है। ऋषि कपूर पुराने वीर की भूमिका में है जो जय के प्रेम को देखकर दुखी हो जातें है और अपने प्रेम के बारे में बतातें है। उनका संवाद ''तब प्रेम करने के बाद लोग अपनी जिंदगी, करियर के प्रति गंभीर हो जाते थे और आजकल के प्रेम में जब वे गंभीर होतें है तो प्रेम करना छोड़ देतें है।'' काफी सटीक बैठता है।
फिल्म की कहानी एकदम नई है और प्रस्तुति भी ताजगीभरी है। फिल्म में वास्तविकता का चित्रण किया है। फिल्म के संवाद जिंदगी में एकदम सटीक बैठतें है। फिल्म में प्रीतम का संगीत चार चांद लगा देता है। सैफ की दोनों भूमिकाएं जानदार है। जय की भूमिका में सैफ काफी कूल लगतें है वहीं वीर के किरदार में असली सरदार लगते है। दीपिका के साथ जय की तकरार काफी अच्छी लगती है। ऋषि कपूर फिल्म का अभिनय काफी सजीव लगता है। वहीं पंजाबी लड़की काफी खुबसूरत लगती है।
कुल मिलकार कहा जाए तो यह दूसरी जब वी मेट साबित होगी तो कोई अतिश्योक्ति नही होगी।