नई दिल्ली, 9 फरवरी
यूसुफ पठान को ट्वेंटी 20 के खिलाड़ी के तौर पर जाना जाता है, लेकिन उन्होंने दलीप ट्राफी फाइनल में दोहरा शतक जमाकर यह साबित कर दिया कि वे लंबी पारी भी खेल सकते हैं। इस पारी के बाद पठान चाहते हैं कि इस प्रदर्शन के बाद उनके ऊपर से यह 'टी 20 का टैग' हटा लिया जाए।
टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले यूसुफ को अपने पहले दोहरे शतक के जरिये अपनी टीम को जीत दिलाकर काफी खुश हैं। लेकिन, इस सबसे ज्यादा वे इतिहास रचकर खुश हैं। बड़ौदा के इस आलराउंडर ने कहा कि निश्चित रूप से करियर की सबसे अच्छी पारी भी है क्योंकि पहली पारी में मैंने 108 और फिर दूसरी में दोहरा शतक जमाया। लेकिन मैं इससे पहले भी प्रथम श्रेणी में 187 रन की पारी खेल चुका हूं जिसमें मैंने 10 विकेट भी चटकाए थे, जो इससे पहले मेरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। अब उम्मीद लगाए हूं कि शायद मेरे नाम से 'ट्वेंटी 20 टैग' हट जाए।
पश्चिम क्षेत्र ने दलीप ट्राफी के फाइनल में दक्षिण क्षेत्र के खिलाफ यूसुफ पठान के दोहरे शतक की बदौलत तीन विकेट से जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया था क्योंकि अब तक कोई भी प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कोई भी टीम 536 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत नहीं सकी है। यूसुफ से यह पूछे जाने पर कि क्या यह पारी उनके नाम पर लगा 'ट्वंटी 20' टैग हटाने में मदद करेगी तो उन्होंने कहा, 'पता नहीं यह टी 20 का टैग मेरे नाम पर क्यों लगा हुआ है। हम प्रथम श्रेणी क्रिकेट में ज्यादातर चार दिवसीय मैच ही खेलते हैं। इसमें हालांकि 50 ओवर और टी 20 मैच भी शामिल होते हैं, लेकिन रणजी, दलीप ट्राफी में हम लंबे प्रारूप का क्रिकेट ही खेलते हैं।'