15 फरवरी 2012
वाशिंगटन | साइनस संक्रमण के इलाज के लिए दी जाने वाली एंटीबायोटिक दवाएं बेअसर होती हैं। इन दवाओं से बीमारी के लक्षण बिल्कुल भी कम नहीं होते और ये एक तरह से मरीज के लिए की जाने वाली प्रार्थना की तरह ही हैं।
सेंट लुइस के वाशिंगटन युनीवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडीसिन के अध्ययनकर्ता जे एफ. पिक्सिरिएलो का कहना है, "हमारे अध्ययन के परिणाम बताते हैं कि साइनस संक्रमण के इलाज के लिए एंटीबायोटिक दवाओं की आवश्यकता नहीं है और इसके ज्यादातर मरीज खुद ही ठीक हो जाते हैं।"
साइनस संक्रमण में सिरदर्द, बुखार, गले में खराश, खांसी व अन्य परेशानियां होती हैं।
'अमेरिकन मेडीकल एसोसिएशन' जर्नल के मुताबिक अमेरिका में पांच एंटीबायोटिक दवाओं में से एक साइनस संक्रमण के लिए दी जाती है।
इससे प्रतिरोधी कीटाणुओं की संख्या बढ़ जाती है। यह पता लगाना बहुत महत्वपूर्ण है कि जो इलाज दिया जा रहा है, वह कारगर है या नहीं।
सह-अध्ययनकर्ता जेन एम. गारबट ने कहा, "हमें लगता है कि प्राथमिक चिकित्सा के रूप में एंटीबायोटिक्स का बहुत इस्तेमाल किया जाता है।"
शोधकर्ताओं का कहना है कि एमोक्सिलिन जैसी एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल करने की बजाए चिकित्सकों को इंतजार करना चाहिए कि दर्द, खांसी व गले में खराश जैसे लक्षणों को दूर करने के लिए आगे इलाज की आवश्यकता है या नहीं।
यह अध्ययन साइनस संक्रमण से पीड़ित 166 वयस्कों पर किया गया था।