HindiLok.com - Hindi News, Hindi Movies, Hindi Songs, Hindi Literature
 
 
 
 
 
 

नए 3डी स्कैनर में नहीं दिखेंगे शरीर के अंग

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

टोरंटो, 10 फरवरी

आतंकवादी हमलों की आशंका के मद्देनजर हवाई अड्डों पर पूरे शरीर की जांच करने वाले स्कैनर लगाने की अनिवार्यता को देखते हुए कनाडा के एक इंजीनियर ने एक ऐसा त्रिआयामी स्कैनर तैयार किया है जिसमें शरीर के अंग दिखाई नहीं देंगे।

खबरों के अनुसार मांट्रियल के विलियम एवेड द्वारा निर्मित नया 3डी स्कैनर कपड़ों के अंदर मानव शरीर के अंगों को दर्शाए बिना धातु या रसायनिक वस्तुओं को प्रदर्शित करता है।

अभी तक हवाई अड्डों पर लगाए जाने वाले 3डी स्कैनर पूरे मानव शरीर का त्रिआयामी चित्र उपलब्ध कराते हैं। जिनकी वजह से निजता का उल्लंघन का मसला उठाया जाता है। यह नई मशीन इस चिंता को दूर करेगी।

परीक्षणों से पता चला कि नया स्कैनर सूटकेस के भीतर छिपे चाकू और नकली विस्फोटकों का तुरंत पता लगाने में सफल रहा जबकि परंपरागत स्कैनर इन वस्तुओं का पता लगाने में असफल रहा।

अमेरिका और कनाडा में हवाई अड्डों पर पूरे शरीर के स्कैनर स्थापित करने की प्रक्रिया जहां जारी है, वहीं कनाडा का निर्माता अपनी मशीन बेचने के लिए अमेरिका में परिवहन सुरक्षा प्रशासन (टीएसए) से प्रमाण-पत्र हासिल करने के प्रयास में लगा है।

कनाडा ने पहले ही अपने 44 हवाई अड्डों पर स्कैनर लगाने का आदेश दिया है।



7215
ताजातरीन / What's Hot
हरि‍याणा : सम्मान के नाम पर बहन का कत्ल, 3 गिरफ्तार
POK में मौजूद है चीन: अमेरि‍की कार्यकर्ता
लोकतांत्रिक तरीके से किसी से भी बातचीत को तैयार: नीतीश
अमेरिकी ओपन : भूपति-मिर्नी दूसरे दौर में
भारत बनाएगा दुनिया की सबसे बड़ी सौर दूरबीन
बिहार में नक्सलियों का 1 पुलिसकर्मी की हत्या का दावा
भारत में पांच साल में तीन गुना बढ़ेंगे इंटरनेट प्रेमी
यहां भगवद गीता के साथ कुरान भी पूजी जाती है
   
 
मनोरंजन
तुसाद म्यूजियम का हिस्सा बनी पॉप स्टार रिहाना
लंदन। मशहूर पॉप स्टार रिहाना वाशिंगटन स्थित मैडम तुसाद म्यूजियम की हिस्सा बन गई हैं। रिहाना की मोम से बनी प्रतिमा का मंगलवार को अनावरण किया गया।
 किम की ख्वाहिश 'सेक्स एंड द सिटी 3' बने
 अभी मां बनने को तैयार नहीं हैं बियोंसे नोल्स
 बड़ा परिवार चाहती हैं अदाकारा जेसिका एल्बा
 'वैनिटी फेयर' के मुखपृष्ठ पर नजर आएंगी लोहान
इंटरव्यू
कला के बीच नहीं आ सकतीं मजहब की दीवारें: बि‍रजू महाराज
कथक का पर्याय हैं बिरजू महाराज। 72 साल की उम्र में भी उनके हौसले जवां हैं। नृत्य उनके लिए साधना है, जिसमें लीन होने के बाद उनके पैरों की थाप से एक नयी दुनिया सजती है। कथक की धारा के साथ बहते-बहते कब वो बृजमोहन नाथ मिश्रा से पंडित बिरजू महाराज हो गये उन्हें खुद भी पता नहीं चला। नई पौध को कथक की बारीकियों से सजाने-संवारने में उन्हें बहुत आनंद आता है। उनसे खास बात की प्रतिभा कटियार ने।
 ‘पीपली लाइव’ मेरी और महमूद दोनों की फिल्म है: अनुषा
 मैं भटकती आत्मा हूं: डॉ. असगर वजाहत
ज्योतिष