7 फरवरी 2012
टोरंटो। माता-पिता बच्चों को सुधारने के लिए डांट फटकार का सहारा लेते हैं, लेकिन यह उनपर नकारात्मक असर डालता है। हाल ही में हुए एक शोध से पता चला है कि बच्चों को दिए जाने वाला शारीरिक दंड उन्हें और ज्यादा आक्रामक बना देता है। शोध में यह भी कहा गया है कि शारीरिक दंड बच्चों को लम्बे समय में नुकसान भी पहुंचा सकता है।
शोध के सह लेखक जोआन दूरांत और रोन एंसम के मुताबिक, "इन अध्ययनों से पता चलता है कि शारीरिक दंड माता-पिता, भाई-बहन, साथियों और जीवन साथी के खिलाफ आक्रामकता के उच्च स्तर के साथ जुड़ा हुआ है।"
यूनिवर्सिटी ऑफ मैनीटोबा के दूरांत और पूर्वी ओंटारियो स्थित बच्चों के अस्पताल के एंसम के शोध के परिणाम पिछले 20 वर्षो से अधिक समय में हुए कई शोधों के विश्लेषण पर आधारित हैं।
'कैनेडियन मेडिकल एसोसिएशन जरनल' की रपट के अनुसार जब 500 से अधिक परिवारों में माता-पिता को शारीरिक दंड पर कम निर्भर रहने का प्रशिक्षण दिया गया, तो बच्चों में जटिल व्यवहार में भी कमी आई।
शोध के लेखकों ने कहा, "परिणाम लगातार यही बताते हैं कि शारीरिक दंड से अनुचित आचरण पर सीधा और तत्कालिक प्रभाव पड़ता है।"
विश्वविद्यालय के बयान के अनुसार शारीरिक दंड अवसाद, चिंता और शराब व मादक पदार्थो के प्रयोग जैसी कई मानिसक स्वास्थ्य परेशानियों से भी जुड़ा हुआ है।