ब्यूनस आयर्स, 29 जुलाई
अर्जेटीना की राष्ट्रीय फुटबाल टीम के कोच पद से बर्खास्त किए गए महान फुटबाल खिलाड़ी डिएगो माराडोना ने गुरुवार को इस संबध में अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि उनसे झूठ बोला गया और उन्हें धोखा दिया गया।
समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक अर्जेटीना फुटबाल संघ (एएफए) के अध्यक्ष जूलिया ग्रांडोना को निशाने पर लेते हुए माराडोना ने कहा कि ग्रांडोना और टीम के सहायक कोच कार्लोस बिलाडरे ने उनसे झूठ बोला है और उन्हें धोखा दिया है। माराडोना ने यह बात पत्रकारों से कही।
एएफए ने मंगलवार को माराडोना का करार आगे बढ़ाने से इंकार कर दिया था। सोमवार को माराडोना और ग्रांडोना की मुलाकात हुई थी और मंगलवार को एएफए के प्रवक्ता चेरक्वेस बियालो ने माराडोना को पद से हटाए जाने की घोषण की थी।
माराडोना को हटाने के संबंध में एएफए में सर्वसम्मित से फैसला लिया गया था। माराडोना की देखरेख में खेलते हुए अर्जेटीना की टीम फीफा विश्व कप-2010 के क्वार्टर फाइनल में जर्मनी से 0-4 से हार गई थी। उसके बाद से ही माराडोना को पद से हटाए जाने की अटकलें लगाई जाने लगी थीं।
एएफए माराडोना के सहयोगी स्टाफ दल में बदलाव चाहता था लेकिन वह इसके लिए तैयार नहीं थे। इस कारण एएफए को मजबूरन माराडोना के करार के नवीकरण को रोकना पड़ा।
क्वार्टर फाइनल में हार के बावजूद माराडोना और उनके खिलाड़ियों का स्वदेश में जोरदार स्वागत किया गया था। इसे देखते हुए माराडोना के कोच पद पर बने रहने की अटकलें लगाई जा रही थीं लेकिन शनिवार को एएफए ने सहयोगी स्टाफ दल में बदलाव की मांग करते हुए माराडोना को मुश्किल में डाल दिया।
एएफए की इस मांग को लेकर माराडोना ने रविवार को कहा था कि वह कोच बने रहना चाहते हैं लेकिन अपने सहयोगी स्टाफ दल के चयन को लेकर वह स्वतंत्रता चाहते हैं। एएफए ने उनकी इस मांग को अस्वीकार कर दिया।