4 फरवरी 2012
नई दिल्ली। अभिनेता अभिषेक बच्चन अब जलवायु परिवर्तन पर एक फिल्म बनाने के उत्सुक हैं लेकिन उनका कहना है कि इसके लिए अच्छी और ऐसी कहानी की जरूरत है जिससे दर्शक जुड़ सकें।
अभिषेक इन दिनों फिल्मकार रोहित शेट्टी की 'बोल बच्चन' की शूटिंग में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा की, "मैं पर्यावरण संरक्षण पर एक फिल्म बनाना और बदलाव लाना चाहता हूं। मैं नहीं जानता कि कोई इस तरह की फिल्म के निर्माण के लिए पैसा देना चाहेगा या नहीं लेकिन मेरी ऐसी फिल्म में अभिनय करने की योजना है।"
उन्होंने कहा कि चुनौती एक अच्छी कहानी ढूंढने की है। एक ऐसी कहानी चाहिए जो रोचक ढंग से संदेश को प्रस्तुत कर सके और दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच सके।
अभिषेक ने कहा, "चुनौती एक ऐसी कहानी ढूंढना है जो भारतीय दर्शकों को थियेटर में आने के लिए आकर्षित कर सके। मैं जानता हूं कि 'द डे आफ्टर टुमारो' जैसी एक-दो फिल्में हैं जिन्हें पश्चिम में सफलता मिली है और दर्शक यह सोचने पर मजबूर हुए कि कल क्या होगा।"
उन्होंने कहा, "यदि मैं ऐसी फिल्म बनाता हूं जो सिर्फ जलवायु परिवर्तन पर बात करे तो मुझे लगता है कि उसे देखना उबाऊ होगा। वास्तविक चुनौती ऐसी फिल्म बनाना है जो दर्शकों को आकर्षित कर सके और वे कहानी व मुद्दे से जुड़ सकें। यदि कभी इस तरह की किसी फिल्म का प्रस्ताव आता है तो मैं उसमें अभिनय करने के लिए तैयार हूं।"
गौरतलब है कि हाल ही में अभिषेक को पर्यावरण संरक्षण में योगदान के लिए ग्रीन ग्लोब पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
अभिषेक 'गुरु' और 'युवा' जैसी फिल्मों में अभिनय कर चुके हैं।
वह मानते हैं कि बदलाव लाने में युवा अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा, "मैं वास्तव में ऐसा महसूस करता हूं कि युवा बदलाव लाएंगे। युवाओं से यह कहने की आवश्यकता नहीं है कि उन्हें क्या करना है क्योंकि उन्हें यह अच्छी तरह पता है कि उन्हें क्या करने की जरूरत है। इसलिए बहुत कुछ राष्ट्र के युवाओं पर निर्भर है क्योंकि वे बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।"