हैदराबाद, 17 मार्च
पाइरेसी के खिलाफ सख्त कानून बनाने की मांग को लेकर तेलुगू फिल्म निर्माता यालामांची रविचंद का आमरण अनशन लगातार तीसरे दिन बुधवार को भी जारी रहा। रविचंद फिल्म नगर स्थित अपने कार्यालय के बाहर आमरण अनशन पर बैठे हैं। उनकी मांग है कि पाइरेसी से निपटने के लिए सरकार इसे गुंडा विरोधी अधिनियम के तहत लाए।
अभिनेता से राजनेता बने के. चिरंजीवी, फिल्म कलाकार संघ (एमएए) के अध्यक्ष मुरलीमोहन समेत कई अभिनेता और निर्माता उनके पक्ष में खड़े हो गए हैं। प्रजा राज्यम पार्टी (पीआरपी) के अध्यक्ष चिरंजीवी ने फिल्म निर्माता से मुलाकात करके सरकार से पाइरेसी पर लगाम लगाने के लिए कड़े कानून बनाने की मांग की।
उन्होंने कहा, "पाइरेसी जेब काटने जैसा है और इसे गुंडा अधिनियम के तहत लाया जाना चाहिए।" मुरलीमोहन ने संवाददाताओं से कहा कि इस संबंध में सरकार पर दबाव बनाने के लिए एक दिन के लिए फिल्म निर्माण से संबंधित सभी गतिविधियों को ठप किया जाएगा।