भारतीय टेनिस सनसनी सानिया मिर्ज़ा ने चंद दिनों पहले कहा था कि वो शादी के बाद खेल को अलविदा कह देंगी तो उनके कई प्रशंसकों का दिल टूट गया था। लेकिन, इस बयान के दो हफ्ते के भीतर ही उनकी सगाई टूटने की खबर आ गई। आखिर, सानिया मिर्ज़ा की गाड़ी अब किस ट्रैक पर दौड़ेगी। ज्योतिष के आइने में खंगाले तो 15 नवंबर 1986 को हैदराबाद में जन्मी सानिया के लिए अभी खेल से संन्यास लेने का वक्त नहीं है, और न वो लेने जा रही हैं।
सप्तमेश व द्वादेश मंगल का उच्च का होकर भाग्य में स्थित होने से सानिया महात्वाकांक्षी है और उनकी खेल में इसी महात्वाकांक्षा का असर उपलब्धियों के रुप में दिखेगा। सानिया फरवरी 2010 से जून 2011 तक नए मुकाम हासिल कर सकती हैं। फरवरी 2013 तक अंतरराष्ट्रीय सम्मान हासिल कर सकती हैं। वैसे, बिना परिश्रम ये सफलताएं हासिल नहीं होंगी क्योंकि लग्नेश शुक्र स्वग्रही होकर सूर्य बुध के साथ छठे भाव में बैठा है,जो उनसे मेहनत कराएगा। सानिया की ग्रह स्थिति और गोचर के मुताबिक फरवरी 2013 तक उनका विवाह संपन्न हो जाएगा।
दरअसल, सानिया मिर्जा की अभी चंद्र में शनि के अंतर और शनि के ही प्रत्यंतर दशा ने संबंध तुड़वा दिया। इसके अलावा, मंगल राशि में सप्तम भाव में स्थित शनि और 12 वें भाव में चंद्र का होना। बहरहाल, सानिया मिर्जा बुरे वक्त से उबर जाएंगी और खेल में नयी उपलब्धियां लगातार हासिल करेंगी।