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आजाद की खरी-खोटी पर मुख्यमंत्रियों को ‘गुस्से का फ्लू’

नई दिल्ली, 21 अगस्त

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने देश में स्वाइन फ्लू के फैलाव के मुद्दे पर ठीक से काम न करने के लिए शुक्रवार को राज्य सरकारों को जम कर खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने राज्य सरकारों को निर्दयी तक कह डाला। इस पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्रियों ने आजाद की भाषा को असंसदीय करार दिया।

आजाद ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्रियों की यहां आयोजित एक बैठक में कहा, "हम यहां पर 20 से 24 घंटे तक काम करते हैं और आप सब ऐश करते हैं।"

आजाद के गुस्से पर पूरे माहौह में सन्नाटा छा गया, लेकिन उन्होंने अपनी बात जारी रखी।

अपना लिखित भाषण पढ़ने के बाद आजाद ने कहा, "आप सभी को जल्द से जल्द जागना होगा।" उन्होंने कहा, "हम तीन महीने से आपको झेल रहे हैं।"

आजाद को जब यह बताया गया कि उनकी भाषा से कुछ मंत्री नाराज हो गए हैं, तो आजाद ने कहा, "यह हमारे बीच का मामला है।"

वास्तव में यह बैठक संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार द्वारा संचालित, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) पर बुलाई गई थी। इस कार्यक्रम को वर्ष 2005 में शुरू किया गया था और इसका मकसद ग्रामीण जनता को गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराना है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इस बैठक में राज्यों के 19 स्वास्थ्य मंत्रियों और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल ने हिस्सा लिया।

एनआरएचएम पर कुछ मिनट तक बोलने के बाद आजाद स्वाइन फ्लू पर चर्चा करने लगे, जिसके कारण अब तक देश में 36 लोग मारे जा चुके हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, "वास्तव में मैं आप लोगों के पीछे पड़ूं, इसके बदले आप सभी को मेरे पीछे पड़ना चाहिए। हर चीज की एक सीमा होती है।"
आजाद की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री जयनारायण व्यास ने कहा, "यह गलत भाषा है और किसी केंद्रीय मंत्री के मुंह से ऐसी भाषा शोभा नहीं देती। वह किसी हेडमास्टर की तरह व्यवहार कर रहे हैं और संघीय व्यवस्था में इस तरह की प्रक्रिया की इजाजत नहीं है।"

व्यास ने आजाद के संबोधन के बाद बैठक कक्ष से बाहर संवाददाताओं से कहा, "हम सभी जानते हैं कि देश स्वाइन फ्लू की महामारी से जूझ रहा है और ऐसे में केंद्र और राज्यों को आपस में सहयोग करना चाहिए। लेकिन आजाद ने असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया है। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए।"

बैठक के प्रथम सत्र के बाद मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनूप मिश्र ने आईएएनएस को बताया, "केंद्र व राज्य सरकारों को मिल कर काम करना चाहिए। लेकिन यह भाषा ठीक नहीं थी। मैं मानता हूं कि महामारी पर नियंत्रण करना एक संयुक्त जिम्मेदारी है। कोई किसी के ऊपर आरोप नहीं लगा सकता।"

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री नंद किशोर यादव ने कहा, "विवाद खड़ा करने से ज्यादा महत्वपूर्ण सहयोग करना है। मैं औरों के बारे में तो नहीं जानता, लेकिन बिहार ने स्वाइन फ्लू के नियंत्रण के लिए पूरी तैयारी की है। आरोप-प्रत्यारोप कोई अच्छी बात नहीं है।"
(IANS)
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