22 फरवरी 2012
नई दिल्ली। समस्याग्रस्त विमानन कम्पनी किंगफिशर एयरलाइंस ने बुधवार को देशभर में अपनी 30 उड़ानें रद्द कर दी, जिसके कारण किंगफिशर की उड़ानों के लिए टिकट बुक किए हुए यात्रियों को लगातार पांचवें दिन भी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस बीच कम्पनी ने नियामक की मांग पर बुधवार को अपनी नई उड़ान योजना पेश कर दी। कम्पनी ने नई उड़ान योजना में कहा कि वह अपने 28 विमानों के साथ रोजाना 180 उड़ानों का संचालन करेगी।
उड्डयन उद्योग के नियामक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने मंगलवार को किंगफिशर को 24 घंटे के अंदर संशोधित और व्यावहारिक उड़ान योजना पेश करने का निर्देश दिया था।
नियामक ने कहा कि उसे ई-मेल से नई उड़ान योजना मिली है और वह उसे देख रहा है।
डीजीसीए के महानिदेशक ई।के। भारत भूषण ने बुधवार को केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री अजीत सिंह को वर्तमान स्थिति और मंगलवार को विमानन कम्पनी के प्रबंधन के साथ उनकी बातचीत के बारे में अवगत कराया था।
नियामक कम्पनी द्वारा बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द करने के मामले की जांच कर रहा है साथ ही यह भी देख रहा है कि वित्तीय संकट के कारण कम्पनी यात्रियों की सुरक्षा के साथ समझौता तो नहीं कर रही है।
इस बीच मंत्री ने विमानन कम्पनी द्वारा 13 बैंकों के समूह से कर्ज लेने की कोशिशों पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।
मंत्री ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा कि बैंकों को खुद अपना फैसला करना है।
किंगफिशर एयरलाइंस पर 7,057।08 करोड़ रुपये का कर्ज है। मौजूदा कारोबारी साल की तीसरी तिमाही में कम्पनी को 444।26 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है, जबकि पिछले कारोबारी साल की समान अवधि में भी कम्पनी को 253।69 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।