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खूब हँसाती है मक्खी : फिल्म समीक्षा

flim review of makhi

अभिषेक शर्मा


मक्खी का नाम सुनते ही दिमाग में क्या आता है? कुछ नहीं पर थोड़ा मुंह टेढ़ा-मेढ़ा हो जाता है। अगर मक्खी कभी आपकी नाक पर बैठ जाए, कान पर बैठ जाएं और गाना सुनाने लगे तो क्या करेंगे? ज़हिर सी बात है कि आप उससे भगा देंगे। पर ठहरिये जनाब ये कोई ऐसी वैसी मक्खी नहीं है। फिल्म देखने के बाद आप भी यही कहेंगे कि वाह क्या मक्खी है


मक्खी। इस फिल्म के लेखक-निर्देशक हैं एस.एस.राजमौली हैं। इन्होंने 'मक्खी' को बखूबी से दिखाया हैं। फिल्म के मुख्य कलाकार: नैनी, समानता, सुदीप हैं। यह फिल्म साउथ की 'ईगा' की रीमेक है।

 
जानी (नैनी) पटाखे बनाने का काम करता है । जानी, बिंदू (समानता) के सामने रहता है, जो माईक्रो आर्टिस्ट है, जिससे छोटी-छोटी चीज़ें बनाने को शौक है। जानी, बिंदू से दो सालों से प्यार करता है पर बिंदू उसे भाव भी नहीं देती और जब देती है तब तक बहुत देर हो जाती है। फिल्म का खलनायक सुदीप है, जिसकी मुलाकात बिंदू से उस समय होती है जब बिंदू, सुदीप से एन.जी.ओ के लिए डोनेशन लेने आती है।


सुदीप उससे इंप्रेस करने के लिए 15 लाख का चैक देता है। सुदीप को घमंड होता है कि सारी लड़कियां उसके पीछे भागती हैं। कुछ दिन बीतने के बाद सुदीप, जानी को बिंदू के करीब देख गुस्सा हो जाता है। फिर सुदीप जानी को खत्म कर देता है।


दर्शकों के लिए यह झटका है। लेकिन, इसी मौके पर जानी का पुनर्जन्म होता है और वो 'मक्खी' के रुप में जन्म लेता है। फिर वह मक्खी सुदीप से बदला लेती है और बिंदू को एहसास दिलाती है कि वह जानी ही मक्खी है। फिल्म में कई ऐसे दृश्य हैं जो पब्लिक को खूब हंसाते हैं।


फिल्म के खलनायक सुदीप ने इस फिल्म में न्यूड़ सीन दिया हैं, वह भी मक्खी के कारण। समानता, बिंदू ने भी अच्छी एक्टिंग की है।


फिल्म में एक सीन ऐसा है जो अमिताभ बच्चन की फिल्म 'नमक हराम' के एक सीन को याद दिलाता है। जब 'मक्खी' किसी के नाक-सिर पर बैठती है, उसे सुदीप भगाने की कोशिश करता है। फिल्म के अंत में 'मक्खी' रॅाउडी राठौर के गाने पर डांस करती हैं और सलमान का तौलिया डांस स्टाईल भी 'मक्खी' करती है। वी.एफ.एक्स का इस्तेमाल अच्छे ढंग से किया गया है। फिल्म के गाने भी अच्छे हैं। म्यूज़िक एम.एम. कीरावनी ने दिया है। फिल्म का एक गाना 'आरे.आरे' गाना काफी अच्छा है यह गाना के.के और साहिती गालीदेवरा ने गाया है। गीतकार नीलेश मिश्रा हैं। आखिरकार, फिल्म साउथ की है तो एक्शन-वेक्शन होगा ही, एक्शन भी काफी अच्छे हैं।

 
अंत में जब हॅाल से पब्लिक फिल्म देखकर निकलेगी, तब मक्खी के बारे में राय इस प्रकार होगी 'वाह क्या मक्खी' है।
 
यह फिल्म फैमिली फिल्म है सभी को फिल्म पसंद आएगी। फिल्म आपको बोर नहीं करेगी, पैसा वसूल है।

 

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