नागपुर, 8 फरवरी
टीम इंडिया के लिये नंबर एक की कुर्सी बचाये रखना इतना आसान नजर नहीं आ रहा। क्रिकेट की बादशाहत की जंग कही जा रही इस सीरीज के पहले टेस्ट में टीम इंडिया डेल स्टेन की तूफानी गेंदबाजी के आगे धराशायी हो गयी। स्टेन ने 51 रन देकर भारतीय टीम को 233 रनों पर समेट दिया। दूसरी पारी में भी टीम इंडिया ने अपनी सलामी जोड़ी को खो दिया है और तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक दूसरी पारी में दो विकेट पर 66 रन बनाये हैं। दक्षिण अफ्रीका ने अपनी पहली पारी छह विकेट पर 558 रनों पर घोषित कर दी थी, इस आधार पर वह अभी भारतीय टीम से 259 रन आगे है।
भारत के लिये पहली पारी में वीरेंद्र सहवाग ने 109 और एस.बद्रीनाथ ने 56 रनों की पारी खेली। इसके अलावा कोई अन्य भारतीय बल्लेबाज विकेट पर नहीं टिक सका। गंभीर और सहवाग दोनों बल्लेबाज आज दो-दो बार आउट हुए। संकट में फंसी टीम को अब मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर (15) और मुरली विजय (27) से काफी उम्मीदें हैं। दोनों ने अभी तक तीसरे विकेट के लिये 42 रन जोड़ लिये हैं। दूसरी पारी में भारत के सलामी बल्लेबाज गंभीर [1] और सहवाग [16] सस्ते में ही पवेलियन लौट गए।
इससे पहले डेल स्टेन की धारदार गेंदबाजी का टीम इंडिया के बल्लेबाजों के पास कोई जवाब नहीं था। स्टेन ने भारतीय पारी की धज्जियां बिखेरते हुये 233 रन पर समेट कर फालोआन के लिए मजबूर कर दिया। भारत की ओर से सिर्फ सहवाग ने ही तेज गेंदबाजी का सामना कर सके और संयम से खेलते हुए सर्वाधिक 109 रन बनाए। सहवाग के अलावा एस बद्रीनाथ ने 56 रन का योगदान दिया।
दूसरे दिन के नाबाद बल्लेबाज गंभीर और सहवाग की जोड़ी को मोर्केल ने जल्द तोड़ दिया। 12 रन बनाकर नाबाद लौटे गंभीर आज मोर्केल की पहली ही गेंद पर विकेट के पीछे मार्क बाउचर को कैच दे बैठे। इसके बाद स्टेन ने अपनी तूफानी गेंदबाजी का जलवा दिखाते हुए एम विजय (4) और तेंदुलकर (7) को भी सस्ते में आउट कर मेजबानों को बैकफुट पर धकेल दिया। स्टेन ने विजय को बोल्ड किया जबकि सचिन बाउचर के हाथों लपके गए। टीम को लगे लगातार झटकों के बाद सहवाग ने बद्रीनाथ के साथ मिलकर लंच के विश्राम तक 101 गेंदों पर 63 रन जोड़ भारत को थोड़ी राहत पहुंचाई। सहवाग ने 70 गेंदों पर सात चौकों की मदद से अपना अर्धशतक पूरा किया।
बद्रीनाथ ने एक छोर पर डटकर खेलते हुए सहवाग का बखूबी साथ निभाया। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 136 रन जोड़े। सहवाग ने अपना आक्रामक अंदाज जारी रखा और टेस्ट करियर में अपना 18वां शतक पूरा किया। यह दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उनका चौथा शतक था। हालांकि शतक बनाने के बाद वह तेजी से खेलने के चक्कर में वायेन पार्नेल की गेंद पर डुमनी के हाथों कैच आउट हो गए। उन्होंने 212 गेंदों पर 15 चौकों की मदद से 109 रन की शानदार पारी खेली। चायकाल के बाद भारतीय बल्लेबाजों में पहले आउट होने की होड़ सी लग गयी। टीम सिर्फ 40 गेंदों और 12 रन के अंदर सिमट गई। तीसरे सेशन में खेलने आए धोनी को हैरिस ने कालिस के हाथों लपकवाकर चलता किया जबकि बद्रीनाथ (56), रिद्धीमान साहा (0), जहीर खान (2), अमित मिश्रा (0) और हरभजन सिंह (8) को स्टेन ने आउट करके भारत को फालोआन के लिए मजबूर कर दिया।