नई दिल्ली : 18 मार्च
2010 लंदन के नेहरू केंद्र के सभागार में निर्माता, निर्देशिका व लेखिका रमा पांडेय की भारतीय मुसलिम महिलाओं की ङ्क्षजदगी पर लिखी किताब ‘फैसले’ का लोकार्पण लेबर पार्टी की जानीमानी मुसलिम काउंसलर जाकिया जुबेरी ने किया. इस मौके पर ‘फैसले’ की कहानियों पर बनी सीडी व डीवीडी का प्रदर्शन व लोकार्पण भी किया गया.
अपनी तरह के इस भव्य समारोह में काउंसलर जाकिया जुबेरी ने कहा कि ‘फैसले’ किताब का कोई पन्ना मैं ने नहीं छोड़ा है. इस का हर एपीसोड मुझे आइना सा लगता है. ‘सियासत’ एपीसोड में तो मैं खुद अपनेआप को देखती हूं.
अफगानिस्तान से आई लेखिका सोफिया का कहना था कि इस किताब के पृष्ठों का अनुवाद जरूरी है, ताकि यह बात उन सभी लोगों तक पहुंचे जिन के बारे में यह सीरियल बना है.
गौरतलब है कि टेलीविजन व रेडियो की चॢचत श सीयत रमा पांडेय ने ‘फैसले’ में संकलित कहानियां अपने आसपास के असली किरदारों पर लिखीं और उन्हीं पर 26 एपीसोड का एक सीरियल भी बनाया.
बीबीसी से जुड़ी प्रसिद्ध साहित्यकार अचला शर्मा ने सभा का संचालन किया. पूरे सभागार को जयपुर के रंगरेजों द्वारा बनाए गए रंगीन दुपट्ïटों से सजाया गया, जिन की कहानी ‘सुलताना’ एपीसोड में दिखाई गई थी. इस मौके पर रमा पांडेय के अलावा जानेमाने अंगरेजी उपन्यासकार लारेंस नारफोक, बीबीसी ङ्क्षहदी के भूतपूर्व अध्यक्ष कैलाश बुधवार जैसी श सीयतों ने हिस्सा लिया.