पंचकुला (हरियाणा), 13 मार्च
देश के प्रधान न्यायाधीश के.जी.बालाकृष्णन ने शनिवार को कहा कि अदालतों की अधोसंरचना में सुधार लाने की आवश्यकता है। इसके साथ ही बालाकृष्णन ने 13वें वित्त आयोग की सिफारिशों का स्वागत किया, जिसके तहत देश की न्याय प्रदाता प्रणाली को सुधारने के लिए 5,000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रावधान किया गया है।
बालाकृष्णन ने कहा, "एक अच्छी बात यह है कि आयोग ने हाल के एक प्रस्ताव में न्यायिक प्रणाली की अधोसंरचना सुधार के लिए 5,000 करोड़ रुपये का योजना परिव्यय निर्धारित किया है। मुझे भरोसा है कि तीन वर्ष की अवधि के बाद हमारे सामने आश्चर्यजनक परिणाम होंगे।"
बालाकृष्णन ने कहा, "अदालतों की संख्या में बढ़ोतरी होगी और सुविधाएं बेहतर होंगी। फिलहाल कुछ अदालतों में गवाहों के लिए, याचियों के लिए और वकीलों के लिए सुविधाएं बहुत खराब हैं। यद्यपि पंजाब और हरियाणा की अदालतों में स्थिति काफी अच्छी है। लेकिन अभी भी कई ऐसे राज्य हैं, जहां अदालतें 150 साल पुरानी इमारतों में काम कर रही हैं।"
बालाकृष्णन न्यायिक सुधार पर न्यायविदों के दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन के बाद बोल रहे थे। इस सम्मेलन का आयोजन पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय की बार काउंसिल और अंतर्राष्ट्रीय न्यायविद परिषद की ओर से संयुक्त रूप से आयोजित किया गया।